27 अप्रैल 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर/रायगढ़
रायगढ़। ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी द्वारा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक विशेष कैरियर काउंसलिंग सेशन का आयोजन बिलासपुर के पुराना बस स्टैंड स्थित प्राइवेट होटल में किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, अभिभावक एवं यूनिवर्सिटी के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. आर.डी. पाटीदार ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि आज के समय में कक्षा 12वीं के बाद विद्यार्थियों के सामने सबसे बड़ी समस्या करियर चयन को लेकर होती है। उन्होंने बताया कि छात्र अक्सर इस बात को लेकर भ्रमित रहते हैं कि आगे क्या पढ़ें, क्यों पढ़ें और किस संस्थान से पढ़ाई करें। इसी उद्देश्य से इस करियर काउंसलिंग सेशन का आयोजन किया गया।
उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह देते हुए कहा कि करियर का चयन करते समय अपने इंटरेस्ट, पोटेंशियल, स्ट्रेंथ और फैमिली सरकमस्टेंस को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है। साथ ही किसी भी यूनिवर्सिटी का चयन करते समय उसके मोटिव, इंफ्रास्ट्रक्चर, प्लेसमेंट रिकॉर्ड, ग्लोबल व नेशनल पार्टनरशिप, इंडस्ट्री कनेक्ट, करिकुलम, स्कॉलरशिप और फीस स्ट्रक्चर जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं का मूल्यांकन करना चाहिए।

डॉ. पाटीदार ने बताया कि ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी अपने स्किल-बेस्ड, टेक्नोलॉजी ड्रिवन और एक्सपीरियंशियल लर्निंग मॉडल के कारण क्षेत्र में एक अलग पहचान बना रही है। यहां के विद्यार्थियों को हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग और ऑन-जॉब एक्सपीरियंस प्रदान किया जाता है, जिसके चलते वे बड़ी-बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों में प्लेस हो रहे हैं।
उन्होंने एक नई शैक्षणिक पहल की जानकारी देते हुए बताया कि यूनिवर्सिटी जल्द ही BSc एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग प्रोग्राम शुरू करने जा रही है, जो संभवतः छत्तीसगढ़ में अपनी तरह का पहला कोर्स होगा। इस कोर्स के लिए DGCA (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) की अनुमति आवश्यक होती है, जिसकी प्रक्रिया जारी है।

उन्होंने बताया कि जिंदल समूह के पास आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे एयरपोर्ट, फ्लाइट्स, हैंगर और हेलीकॉप्टर जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे यह कोर्स सफलतापूर्वक संचालित किया जा सकेगा। देश में तेजी से बढ़ते एविएशन सेक्टर को देखते हुए इस क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं।
इसके अलावा यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि छात्रों ने आधुनिक तकनीक का उपयोग कर कम लागत में एक कार का निर्माण किया, जिसे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में छठवां स्थान प्राप्त हुआ। यह प्रतियोगिता हाल ही में गोवा की एक यूनिवर्सिटी में आयोजित की गई थी। साथ ही विद्यार्थियों ने इलेक्ट्रिक बाइक का निर्माण भी किया, जिसमें छात्राओं की भी सक्रिय भागीदारी रही। इन प्रोजेक्ट्स को एनसीआर स्थित गलगोटिया यूनिवर्सिटी में आयोजित प्रतियोगिता में भी प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम के अंत में यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने इस तरह के मार्गदर्शन सत्रों को आगे भी जारी रखने की बात कही, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को सही दिशा में करियर चुनने में सहायता मिल सके।
