15 जून 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर/रायगढ़ विशेष
रायगढ़। कोतरारोड़ पुलिस ने ट्रेलर वाहन को किराये पर लेकर उसे रायपुर में बेच देने वाले शातिर ठग को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी ने फर्जी नाम और फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर वाहन स्वामी को झांसे में लिया और लाखों रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
पुलिस के अनुसार गोरखा निवासी हरदीप सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि वर्ष 2024 में एक व्यक्ति ने स्वयं को राकेश डनसेना बताकर उसका ट्रेलर वाहन किराये पर लिया था। दोनों के बीच 80 हजार रुपये प्रतिमाह किराया तय हुआ और 7 नवंबर 2024 को किरायानामा भी बनाया गया।
आरोपी ने विश्वास दिलाने के लिए एचडीएफसी बैंक का एक ब्लैंक चेक भी दिया था। वाहन लेने के कुछ दिन बाद आरोपी का मोबाइल बंद हो गया और न तो किराया दिया गया और न ही वाहन लौटाया गया।
जांच के दौरान पता चला कि कथित राकेश डनसेना का वास्तविक नाम सुदामा प्रधान उर्फ छोटू है। मामले में थाना कोतरारोड़ में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर थाना प्रभारी निरीक्षक शील आदित्य सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपने साथी गुरप्रीत सिंह के साथ मिलकर वाहन को हड़पने की योजना बनाई थी। फर्जी नाम से किरायानामा तैयार कर ट्रेलर वाहन को रायपुर ले जाकर 5 लाख 20 हजार रुपये में बेच दिया गया था। बिक्री से मिली रकम दोनों ने आपस में बांट ली।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि वाहन को रायपुर स्थित एक कबाड़ गोदाम में काट दिया गया। आरोपी ने पूछताछ में पूर्व की वाहन चोरी और मोबाइल चोरी की घटनाओं में भी संलिप्तता स्वीकार की है, जिनकी अलग से जांच की जा रही है।
फिलहाल मुख्य आरोपी सुदामा प्रधान उर्फ छोटू को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है, जबकि सह आरोपी गुरप्रीत सिंह की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि संगठित धोखाधड़ी और जालसाजी के मामलों में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
सीजी क्राइम रिपोर्टर ✍️ प्रधान संपादक
