13 जनवरी 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर….
अंबिकापुर
छत्तीसगढ़ में एक बार फिर सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। सूरजपुर जिले के कुमेली पर्यटन स्थल स्थित वन विभाग के विश्रामगृह से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने प्रशासनिक निगरानी और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि विश्रामगृह के भीतर कुछ लोग मौजूद हैं और उनके सामने युवतियां आपत्तिजनक ढंग से नृत्य कर रही हैं। साथ ही वहां शराबखोरी जैसी गतिविधियों के आरोप भी सामने आए हैं। यह दृश्य उस भवन का बताया जा रहा है, जिसे मूल रूप से पर्यटकों के ठहराव और सुविधा के लिए बनाया गया था।
पर्यटन स्थल पर अवांछित गतिविधियों का आरोप
कुमेली पर्यटन स्थल अपने प्राकृतिक सौंदर्य और जलप्रपातों के लिए जाना जाता है। यहां बने इस रेस्ट हाउस को लेकर आरोप है कि इसका लंबे समय से अनुचित उपयोग किया जा रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय यहां संदिग्ध गतिविधियां होती रही हैं, लेकिन अब वीडियो सामने आने के बाद मामला सार्वजनिक हुआ है।
❓ जिम्मेदारी को लेकर असमंजस
वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग और वन विकास निगम के बीच जिम्मेदारी को लेकर असमंजस की स्थिति देखी जा रही है। एक-दूसरे पर नियंत्रण और देखरेख का दायित्व डालने के आरोप-प्रत्यारोप सामने आए हैं। जबकि वास्तविकता यह बताई जा रही है कि विश्रामगृह का प्रत्यक्ष नियंत्रण वन विभाग के अधीन है और इसकी देखरेख की जिम्मेदारी संबंधित डिप्टी रेंजर को सौंपी गई है।
⚠️ निगरानी की कमी पर उठे सवाल
नियमित निरीक्षण और प्रभावी निगरानी के अभाव में इस तरह की गतिविधियों के पनपने के आरोप लग रहे हैं। विशेष रूप से तब, जब इसी पर्यटन स्थल पर मकर संक्रांति के अवसर पर बड़ा मेला आयोजित होता है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु व पर्यटक यहां पहुंचते हैं।
जांच और कार्रवाई की मांग
मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल सरकारी व्यवस्था की छवि धूमिल करती हैं, बल्कि पर्यटन स्थलों की गरिमा को भी ठेस पहुंचाती हैं। प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि वह पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कदम उठाएगा।
