
रायगढ़। तमनार थाना क्षेत्र के ग्राम उरबा में हुए हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए ग्राम कोटवार, उसके पुत्र और एक विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त डंडा और चाकू भी बरामद किया है। मामूली विवाद के बाद हुई हिंसक मारपीट में एक अधेड़ की मौत हो गई थी।
पुलिस के अनुसार, ग्राम उरबा निवासी दामोदर राठिया (37) को गंभीर चोटों की हालत में अस्पताल लाया गया था, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही तमनार थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।
मृतक के बहनोई अवधराम राठिया निवासी गंजपुर, लैलूंगा की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। रिपोर्ट में बताया गया कि घटना की रात ग्राम उरबा के कोटवार हरिराम चौहान, उसका पुत्र आकाश चौहान और एक नाबालिग दामोदर राठिया के साथ मारपीट कर रहे थे।
आरोप है कि आकाश चौहान और नाबालिग ने चाकू से हमला किया, जबकि हरिराम चौहान ने डंडे से वार किया। बीच-बचाव करने पहुंचे अवधराम राठिया के साथ भी मारपीट की गई।
पुलिस जांच में सामने आया कि घटना की रात भोजन के बाद उपयोग किए गए पत्तल को बाहर फेंकने की बात को लेकर विवाद शुरू हुआ था। मामूली कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई और आरोपियों ने लाठी-डंडे व चाकू से हमला कर दामोदर राठिया को गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
तमनार पुलिस ने अपराध क्रमांक 122/2026 के तहत धारा 103(1) एवं 3(5) बीएनएस में मामला दर्ज कर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी हरिराम चौहान (60 वर्ष), आकाश चौहान (22 वर्ष) और एक विधि से संघर्षरत बालक को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त हथियार बरामद किए गए। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
मामले के खुलासे में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी प्रशांत राव सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इस मामले पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि क्षणिक आवेश में की गई हिंसा हत्या, जेल और परिवार के बिखराव का कारण बनती है। विवादों का समाधान कानून और संवाद के माध्यम से किया जाना चाहिए।
