12 जनवरी 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर….
बिलासपुर
राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा केन्द्रीय जेल बिलासपुर में कैदियों के लिए सघन स्वास्थ्य परीक्षण एवं हेपेटाइटिस जांच शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. शुभा गरेवाल के निर्देशन में आयोजित किया गया, जिसमें 200 कैदियों की हेपेटाइटिस बी एवं हेपेटाइटिस सी की स्क्रीनिंग की गई।

सुव्यवस्थित जांच प्रक्रिया
शिविर के सफल एवं सुचारु संचालन हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा 02 लैब टेक्नीशियन तथा 02 डाटा एंट्री ऑपरेटर/जे.एस.ए. की ड्यूटी लगाई गई थी। टीम ने निर्धारित चिकित्सा प्रोटोकॉल के अनुसार सभी कैदियों की जांच प्रक्रिया पूरी की।
शिविर का संचालन जिला नोडल अधिकारी हेपेटाइटिस/आई.डी.एस.पी./आर.सी.एच. डॉ. रक्षित जोगी के मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण में किया गया।
इस अवसर पर डिस्ट्रिक्ट एपिडेमियोलॉजिस्ट श्री पंकज सिंह, डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (आई.डी.एस.पी.) इंजीनियर श्याम मोहन दुबे, एम.एल.टी. एवं जे.एस.ए. स्टाफ की सक्रिय सहभागिता रही।
जागरूकता पर विशेष जोर
जांच के साथ-साथ कैदियों को हेपेटाइटिस से संबंधित आवश्यक स्वास्थ्य जानकारी भी प्रदान की गई। चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों ने रोग के लक्षण, संक्रमण के कारण, समय पर जांच की आवश्यकता, बचाव एवं रोकथाम के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी।
कैदियों को स्वच्छता बनाए रखने, सुरक्षित इंजेक्शन के उपयोग, रक्तजनित संक्रमण से बचाव और समय पर उपचार के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।

रोग नियंत्रण की दिशा में अहम पहल
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के शिविरों का उद्देश्य जोखिम समूहों में समय रहते बीमारी की पहचान कर उपचार सुनिश्चित करना तथा हेपेटाइटिस के प्रसार को प्रभावी रूप से नियंत्रित करना है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता एवं जांच कार्यक्रम निरंतर जारी रखने की बात कही गई है।
