जिला पंचायत सामान्य सभा में घोटालों की बाढ़, स्ट्रीट लाइट से लेकर टैंकर और GYM खरीदी तक सवालों के घेरे में
12 जनवरी 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर….
रायपुर | बेमेतरा / नवागढ़ | विशेष रिपोर्ट
जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक इस बार विकास योजनाओं से अधिक भ्रष्टाचार, अनियमितता और कथित कमीशनखोरी के आरोपों को लेकर चर्चा का केंद्र बनी रही। बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने DMF मद की राशि से की गई खरीदी में बड़े पैमाने पर घोटालों का आरोप लगाते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में कई योजनाएं जनता के हित के बजाय कमीशन कमाने का जरिया बन गई हैं।
सामान्य सभा में स्ट्रीट लाइट, पानी टैंकर, टैंकर क्रय और GYM सामग्री खरीदी जैसे मामलों को लेकर तीखी बहस देखने को मिली। सदस्यों ने एक के बाद एक मामलों को उठाते हुए उच्चस्तरीय और स्वतंत्र जांच एजेंसी से जांच की मांग की।
स्ट्रीट लाइट घोटाला: घटिया सामग्री, महंगी खरीदी
बैठक में बताया गया कि नगर पंचायत मारो, पड़पोड़ी एवं जनपद क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट लगाने के नाम पर गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। आरोप लगाए गए कि—
घटिया गुणवत्ता की स्ट्रीट लाइट लगाई गई
तय तकनीकी मानकों की अनदेखी की गई
बाजार दर से कई गुना अधिक कीमत पर खरीदी हुई
जिन वार्डों में लाइट लगी ही नहीं, वहां भी भुगतान कर दिया गया
सदस्यों ने सवाल उठाया कि जमीनी स्तर पर काम नहीं होने के बावजूद भुगतान कैसे हो गया।

नवागढ़ और साजा में टैंकर खरीदी पर सवाल
नवागढ़ और साजा क्षेत्रों में टैंकर क्रय को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए। सदस्यों का कहना है कि—
जरूरत से कहीं अधिक कीमत पर टैंकर खरीदे गए
खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई
टैंकरों की तकनीकी गुणवत्ता संदेह के घेरे में है
यह भी सवाल उठाया गया कि जब 15वें वित्त की राशि से पहले ही टैंकर खरीदे जा चुके थे, तो दोबारा खरीदी की आवश्यकता क्यों पड़ी। आरोप है कि ठेकेदार चयन में भी अपने चहेतों को फायदा पहुंचाया गया।
स्वामी आत्मानंद स्कूल में GYM सामग्री खरीदी पर घोटाले का आरोप
सामान्य सभा में स्वामी आत्मानंद विद्यालयों में GYM सामग्री खरीदी को लेकर भी जमकर हंगामा हुआ। सदस्यों ने आरोप लगाया कि—
अत्यधिक दरों पर GYM सामग्री खरीदी गई
उपकरणों की गुणवत्ता बेहद खराब है
कई उपकरण उपयोग लायक नहीं हैं
सदस्यों ने कहा कि शिक्षा के नाम पर दिखावटी सुविधाओं में भारी भ्रष्टाचार किया गया है।
नगर पंचायत पड़पोड़ी में LED लाइट घोटाला
नगर पंचायत पड़पोड़ी में LED लाइट खरीदी और स्थापना को लेकर भी गंभीर आरोप सामने आए। आरोपों के अनुसार—
कम गुणवत्ता की LED लाइट लगाई गई
वारंटी और मेंटेनेंस शर्तों का पालन नहीं हुआ
पहले भुगतान किया गया, काम बाद में दिखाया गया
जनप्रतिनिधियों का आरोप: योजनाएं बनीं ‘कमाई की मशीन’
सामान्य सभा में जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि चाहे स्ट्रीट लाइट हो, टैंकर हो या GYM सामग्री, हर योजना में एक ही पैटर्न नजर आ रहा है—
महंगी खरीदी, घटिया सामान और कागजी खानापूर्ति।
इससे प्रशासनिक निगरानी और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
नए कलेक्टर और जिला पंचायत CEO बोले—जानकारी नहीं
बैठक के दौरान जब अधिकारियों से जवाब मांगा गया, तो नए कलेक्टर और जिला पंचायत CEO ने घोटालों से अनभिज्ञता जताई। इस पर सदस्यों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे असंतोषजनक जवाब बताया।
सूत्रों के अनुसार, ये कथित घोटाले DMF राशि से उस समय हुए, जब ADM रहते हुए SDM पद पर पदस्थ प्रकाश भारद्वाज और पूर्व जिला पंचायत CEO टेकचंद अग्रवाल का कार्यकाल था।
जांच की मांग तेज, कार्रवाई के संकेत
बैठक के अंत में यह स्पष्ट हो गया कि खरीदी से जुड़े मामलों पर जल्द ही जांच का दबाव और तेज होगा। यदि लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो आने वाले दिनों में कई अधिकारियों और ठेकेदारों पर बड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।
जिला पंचायत की इस बैठक ने साफ संकेत दे दिए हैं कि DMF और विकास योजनाओं की आड़ में हुए कथित घोटालों की परतें अब खुलने लगी हैं।
