14 मई 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर/रायगढ़ विशेष….
रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन अंकुश” का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है। ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा कारोबार के खिलाफ लगातार कार्रवाई और दबिश से घबराकर फरार चल रहा मुख्य आरोपी पिंटू हलवाई आखिरकार पुलिस के सामने सरेंडर करने पहुंच गया।
जानकारी के मुताबिक, ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का मुख्य आरोपी पिंटू हलवाई पिता कन्हैया लाल हलवाई (43 वर्ष), निवासी चांदमारी रायगढ़, गुरुवार को सीधे एसएसपी कार्यालय पहुंचा और पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपी ने अपराध छोड़कर सामान्य जीवन जीने की इच्छा जताई।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि लगातार पुलिस कार्रवाई और नेटवर्क से जुड़े साथियों की गिरफ्तारी के बाद वह डरकर उत्तराखंड भाग गया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपना मोबाइल फोन भी नष्ट कर दिया था, लेकिन रायगढ़ पुलिस के बढ़ते दबाव के चलते आखिरकार उसे सरेंडर करना पड़ा।
थाना कोतवाली में दर्ज अपराध क्रमांक 237/2026 और 238/2026 के तहत आरोपी को छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4 और 7 में गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह अपनी पत्नी, भतीजे और अन्य साथियों के साथ मिलकर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित कर रहा था। व्हाट्सऐप कॉलिंग के जरिए ग्राहकों से संपर्क किया जाता था और यूपीआई के माध्यम से पैसों का लेन-देन होता था।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 2 हजार रुपये नकद जब्त किए हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले साइबर सेल और कोतवाली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में सट्टा नेटवर्क से जुड़े कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब 2.69 लाख रुपये नकद, नोट गिनने की मशीन, महंगे मोबाइल फोन और डिजिटल ट्रांजेक्शन से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद किए थे। इन मामलों में पिंटू हलवाई मुख्य आरोपी के रूप में फरार चल रहा था।
इस पूरे मामले पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि ऑनलाइन सट्टा, जुआ और अन्य अवैध कारोबार में शामिल लोगों को सुधार का मौका दिया जाएगा, लेकिन चेतावनी के बाद भी अपराध में लौटने वालों पर रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई और ज्यादा कठोर होगी।
