17 अप्रैल 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर/राजधानी रायपुर
रायपुर/बिलासपुर। रायपुर कमिश्नरेट पुलिस की एंटी क्राइम और साइबर यूनिट ने ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए इसके मुख्य संचालक बाबू खेमानी को गिरफ्तार किया है। इस ऑपरेशन के तहत पुलिस ने मुंबई और गोवा में एक साथ छापेमारी कर कुल 7 आरोपियों को दबोचा है, साथ ही गिरोह के बड़े ऑनलाइन पैनल सिस्टम को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है।

मामले की शुरुआत 13 अप्रैल 2026 को मिली एक सूचना से हुई, जिसमें बताया गया था कि रेलवे स्टेशन के पास खड़ी एक कार में बैठा व्यक्ति IPL मैच के दौरान मोबाइल के जरिए सट्टा संचालित कर रहा है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को पकड़ा, जिसकी पूछताछ में पूरे नेटवर्क का खुलासा हो गया।

जांच में सामने आया कि बाबू खेमानी अपने भाई करण खेमानी के साथ मिलकर पिछले ढाई साल से इस अवैध कारोबार को चला रहा था। यह गिरोह 3Stumps, रेड्डी ग्रुप, बजरंग ग्रुप, मेट्रो 65 और डायमंड मास्टर जैसे कई पैनल संचालित कर रहा था। खास बात यह रही कि आरोपी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के रूप में हाई-प्रोफाइल ग्राहकों को जोड़कर सट्टा नेटवर्क को विस्तार दे रहा था।

यह गिरोह छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में सक्रिय था, जबकि मुंबई और गोवा इसके प्रमुख ऑपरेशन सेंटर बने हुए थे। गोवा में संचालित पूरा “लाइन पैनल” भी पुलिस ने ध्वस्त कर दिया है। अब तक इस मामले में कुल 27 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

रेड के दौरान जब्ती:
मुंबई: 1 लैपटॉप, 4 मोबाइल, 1 BMW कार
गोवा: 2 लैपटॉप, 14 मोबाइल, 1 राउटर, 10 ATM कार्ड
पूरी कार्रवाई में पुलिस ने 3 लैपटॉप, 18 मोबाइल फोन, 10 ATM कार्ड और एक लग्जरी कार समेत करीब 60 लाख रुपये का सामान जब्त किया है। साथ ही सट्टे के हिसाब-किताब से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी म्यूल बैंक खातों के जरिए करोड़ों रुपये का लेन-देन कर रहे थे। ये खाते 20 से 30 हजार रुपये में किराए पर लिए जाते थे। अब पुलिस ऐसे खाताधारकों की भी तलाश में जुट गई है।
विदेश कनेक्शन को लेकर भी जांच तेज कर दी गई है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि बाबू खेमानी कई बार दुबई और थाईलैंड की यात्रा कर चुका है, जिससे हवाला और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की आशंका जताई जा रही है।
कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद वर्ष 2026 में अब तक 11 मामलों में कार्रवाई करते हुए 64 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और 2.96 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की गई है।
इस मामले में थाना गंज में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 और BNS की धारा 112(2) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के फाइनेंशियल ट्रेल, म्यूल अकाउंट और विदेशी लिंक की गहन जांच कर रही है, जिससे आगे और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
