15 अप्रैल 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर/हरदी
डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती जन चेतना भारत पार्टी (JCBP), छत्तीसगढ़ द्वारा प्रदेश कार्यालय हरदी में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण लगभग 500 पुस्तकों की लाइब्रेरी का शुभारंभ और कार्यकर्ताओं को भारतीय संविधान की प्रतियां वितरण रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहेब के छायाचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसमें सभी कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का नेतृत्व पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार जसबीर सिंह ने किया।

मुख्य वक्ता के रूप में अलीम अंसारी और सुमंत मसीह ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्ष, शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में उनके विचारों को अपनाना बेहद जरूरी है, ताकि समाज में अधिकारों और समानता की भावना मजबूत हो सके।
इस दौरान सुमंत मसीह के कर-कमलों से उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं को संविधान की प्रतियां भेंट की गईं। वक्ताओं ने कहा कि इसका उद्देश्य लोगों को संविधान पढ़ने और उसके मूल्यों को समझने के लिए प्रेरित करना है।

वक्ताओं ने देश की धर्मनिरपेक्ष (सेक्युलर) व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि आजादी के बाद जवाहरलाल नेहरू, महात्मा गांधी और बाबा साहेब सहित अन्य नेताओं ने मिलकर भारत को एक ऐसा राष्ट्र बनाया, जहां सभी धर्मों और वर्गों को समान अधिकार मिले।

कार्यक्रम में मौजूद जसबीर सिंह ने कहा कि जयंती मनाने का उद्देश्य केवल उत्सव नहीं, बल्कि लोगों को संविधान की याद दिलाना है। उन्होंने कहा कि आज देश में ऐसी परिस्थितियां बन रही हैं, जिन पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है और संविधान की मूल भावना की रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने बाबा साहेब के संविधान निर्माण में योगदान, दलित एवं वंचित वर्गों के उत्थान के लिए किए गए संघर्ष और शिक्षा को सशक्तिकरण का सबसे बड़ा माध्यम बताने वाले उनके विचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में मनोज जांगड़े, खगेश केवट, रवि यादव, हसन अली, तनवीर शादाब, राजेंद्र नवरंग, संत सोंड्रे, किशन शास्त्री, सुखीराम और प्रदीप राजपूत सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

वहीं महिला शक्ति की भी प्रभावी भागीदारी रही, जिसमें चित्ररेखा साहू, अनुपमा नागर, तरन्नुम बेगम, आनंदा गढ़ेवाल, अंजली यादव और मंजू श्रीवास सहित अन्य महिलाएं शामिल रहीं।
अंत में सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे बाबा साहेब के आदर्शों पर चलते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय, शिक्षा और अधिकार पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य करेंगे।
“जय भीम, जय भारत” के नारों के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
