12 अप्रैल 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर/बेलतरा
बिलासपुर–बेलतरा:प्रदेश में सरकार बदलने के बाद भी बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में अवैध खनन पर लगाम नहीं लग पा रही है। रेत, मुरुम और मिट्टी के अवैध उत्खनन ने क्षेत्र में संगठित रूप ले लिया है, जिससे कानून व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
जानकारी के मुताबिक सेंदरी, लोफंदी, कछार, बैमा, पेंडरवा, मोपका, कोनी और सरवन देवरी सहित कई घाटों पर दिनदहाड़े भारी मशीनों और ट्रैक्टरों से नियमों की अनदेखी कर खनन जारी है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि कई बार खनन के दौरान हादसे भी सामने आए हैं—कहीं ट्रैक्टर चालक की मौत, तो कहीं अधिकारियों के साथ विवाद जैसी घटनाएं सामने आई हैं। वहीं तेज रफ्तार खनन वाहनों से ग्रामीण क्षेत्रों में दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध खनन से न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि शासन को राजस्व की भी बड़ी हानि हो रही है। गांवों की सड़कें जर्जर हो चुकी हैं, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही है।
इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने कहा कि बेलतरा क्षेत्र अवैध खनन माफियाओं का गढ़ बनता जा रहा है। उनका आरोप है कि प्रशासन और सत्ता के संरक्षण के चलते ही माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
गौरहा ने मांग की है कि अवैध खनन के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र में कानून का राज कायम हो सके और आम जनता को राहत मिल सके।
