12 अप्रैल 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर/SECL
बिलासपुर:साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) द्वारा आयोजित कोल इंडिया लिमिटेड का तृतीय HR/IR कॉन्क्लेव “उत्कर्ष 2026” दो दिवसीय मंथन के बाद शनिवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। 10 और 11 अप्रैल को आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन में कोल सेक्टर में मानव संसाधन (HR) और औद्योगिक संबंध (IR) के बदलते स्वरूप पर व्यापक चर्चा की गई।
“Shaping Minds, Strengthening Mines – Innovate, Excel, Rise” थीम पर आयोजित इस कॉन्क्लेव में कोल इंडिया और उसकी सहायक कंपनियों के 100 से अधिक HR अधिकारी, उद्योग विशेषज्ञ, शिक्षाविद और विचारक शामिल हुए।

समापन सत्र का मुख्य आकर्षण भारत के राष्ट्रीय बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद के साथ आयोजित प्रेरक संवाद रहा। उन्होंने सफलता के लिए अनुशासन, धैर्य और निरंतर प्रयास को जरूरी बताते हुए कहा कि व्यक्ति को पहले खुद को योग्य बनाना होता है, तभी सफलता मिलती है।
कॉन्क्लेव के दूसरे दिन Change Adoption, Future HR Landscape, Strategic Workforce Planning और “Mine to Mind” Transformation जैसे अहम विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। विशेषज्ञों ने संगठनात्मक बदलाव में HR की रणनीतिक भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताया।

इससे पहले 10 अप्रैल को कॉन्क्लेव का उद्घाटन कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष बी. साईराम ने वर्चुअल माध्यम से किया। उन्होंने “Reform, Perform, Transform” के लक्ष्य को हासिल करने में HR की केंद्रीय भूमिका पर जोर दिया।
एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने अपने संबोधन में कर्मचारियों के विकास और कल्याण को प्राथमिकता देने की बात कही। वहीं, कोल इंडिया के मुख्य सतर्कता अधिकारी ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने संगठन में पारदर्शिता और ईमानदारी के महत्व को रेखांकित किया।
कोल इंडिया के निदेशक (कार्मिक) डॉ. विनय रंजन ने अपने संबोधन में HR को उत्पादकता, नवाचार और संगठनात्मक परिवर्तन का प्रमुख आधार बताया।
कॉन्क्लेव के दौरान HR से जुड़ी नवाचारपूर्ण पहलों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें विभिन्न सहायक कंपनियों के concept papers और श्रेष्ठ प्रथाओं का प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने HR प्रणाली को और मजबूत बनाने, विश्वास आधारित कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देने और कोल इंडिया के सतत विकास के लक्ष्यों के अनुरूप रणनीतियां लागू करने का संकल्प लिया।
