10 अप्रैल 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर:शहादत को सलाम करने और शहीद पुलिस परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का जो अद्भुत दृश्य आज बिलासपुर में देखने को मिला, उसने हर किसी का दिल छू लिया। बंसीवाला होटल में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम ने न केवल सम्मान की नई मिसाल पेश की, बल्कि समाज को एकजुटता, सेवा और संवेदनशीलता का सशक्त संदेश भी दिया।

कार्यक्रम में शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को श्रीफल, शॉल और उपहार देकर पूरे सम्मान और आत्मीयता के साथ सम्मानित किया गया। मंच पर मौजूद हर व्यक्ति की आंखों में गर्व और संवेदना का अनूठा संगम नजर आया।

इस अवसर पर बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने भावुक शब्दों में कहा—
“ऐसे आयोजनों से महसूस होता है कि शहीद आज भी हमारे परिवार का हिस्सा हैं। पूरे भारत में इस तरह का आयोजन पहली बार देखने को मिला है, जो अपने आप में ऐतिहासिक है।”

कार्यक्रम के सूत्रधार और बंसीवाला होटल के डायरेक्टर दिनेश चंदानी ने बताया कि उन्होंने शहीद परिवारों के सम्मान की इस पहल की शुरुआत 26 जनवरी 2026 से ही कर दी थी, लेकिन अपने जन्मदिन के खास मौके पर इस आयोजन को भव्य रूप देकर इसे एक यादगार स्वरूप दिया गया। उनका यह प्रयास समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया है।


कार्यक्रम की एक और बड़ी खासियत रहा विशाल रक्तदान शिविर, जिसमें युवाओं, समाजसेवियों और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सेवा और समर्पण की इस भावना ने आयोजन को और भी ऊंचाई प्रदान की।

साथ ही, मेडिटेशन सेंटर की पहल ने कार्यक्रम में शामिल परिवारों और युवाओं को मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने का संदेश भी दिया।
इस गरिमामय आयोजन में प्रमुख रूप से
रजनेश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर
मधुलिका सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण बिलासपुर
रामगोपाल करियारे, कार्यालय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात बिलासपुर
मंजूलता केरकेट्टा, डीएसपी बिलासपुर
दिनेश चंदानी (डायरेक्टर, होटल बंसीवाला)

विनोद मेघानी, प्रकाश ग्वालानी, धीरज रोहरा, नानक खटूजा
मनीष लोहरानी, गोविंद बतरा, रुपचंद डोडवानी, विनीता भावनानी
सिंधी सेंट्रल युवा विंग के अध्यक्ष रॉबिन वाधवानी
जय गुरनानी, सुमित सचदेव, विशाल जीवनानी, नवीन लालवानी

सहित अनेक गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शहीद परिवारों के साथ-साथ समाज के वरिष्ठ जन, युवा और महिला वर्ग की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। सभी ने एक स्वर में कहा कि “शहीद परिवारों का सम्मान करना समाज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।”

कार्यक्रम के अंत में सभी ने दिनेश चंदानी को उनके जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और उनके इस सराहनीय प्रयास की खुलकर प्रशंसा की। पूरे आयोजन का प्रभावी और भावपूर्ण मंच संचालन मुकुल शर्मा द्वारा किया गया।

यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि एक भावना, एक सम्मान और एक संदेश था—
“शहीद कभी जाते नहीं… वे समाज की आत्मा में हमेशा जीवित रहते हैं।”
