कॉल सेंटर बनाकर चल रही थी ठगी की स्क्रिप्ट, फर्जी लड़कियों की प्रोफाइल से फंसाए जाते थे लोग
03 अप्रैल 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में शादी जैसे पवित्र रिश्ते के नाम पर लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ कर ठगी करने वाले एक शातिर गिरोह का बिलासपुर पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। सरकण्डा और कोतवाली थाना क्षेत्र में चल रहे फर्जी “मैरिज ब्यूरो” के नाम पर संचालित कॉल सेंटरों पर पुलिस ने दबिश देकर पूरे नेटवर्क का खुलासा कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई में सामने आया कि यह गिरोह सुनियोजित तरीके से देशभर के शादी के इच्छुक लोगों को निशाना बनाता था। पहले आकर्षक प्रोफाइल दिखाकर भरोसा जीता जाता, फिर “रजिस्ट्रेशन” और “मैचिंग फीस” के नाम पर पैसे ऐंठे जाते थे।
फर्जी लड़कियों की प्रोफाइल से बिछाया जाता था जाल
गिरोह ने युवतियों को काम पर रखकर उनसे फर्जी नाम और प्रोफाइल के जरिए ग्राहकों से बात करवाई जाती थी। मीठी-मीठी बातों और भरोसे के जाल में फंसाकर लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ लिया जाता, और फिर उनसे रकम ट्रांसफर कराई जाती थी।

म्यूल अकाउंट से करोड़ों के ट्रांजेक्शन का शक
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि ठगी की रकम को फर्जी बैंक खातों (म्यूल अकाउंट) के जरिए इधर-उधर किया जाता था। पुलिस को लाखों रुपये के ट्रांजेक्शन के सबूत मिले हैं, जिससे इस गिरोह के बड़े नेटवर्क होने की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस रेड में बड़ा खुलासा
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से—
10 कंप्यूटर सेटअप
70 मोबाइल फोन
20 हजार रुपये नकद
बरामद किए हैं, जो इस संगठित ठगी के धंधे की गवाही दे रहे हैं।
ये हैं गिरफ्तार आरोपी
इस पूरे मामले में पुलिस ने 4 आरोपियों को हिरासत में लिया है—
महारथी साहू, फुलेश्वर प्रसाद श्रीवास, तरुणा उर्फ सोनु खरे और नीरा बाथम।
कार्रवाई जारी, और भी खुलासे संभव
आरोपियों के खिलाफ थाना सरकण्डा में बीएनएस की धारा 318(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस को शहर के अन्य इलाकों में भी ऐसे फर्जी मैरिज ब्यूरो चलने की जानकारी मिली है, जिन पर जल्द कार्रवाई की तैयारी है।
अगर आप भी ऑनलाइन मैट्रिमोनियल सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं, तो सावधान रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति या संस्था को पैसे ट्रांसफर करने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें, वरना आप भी इस ‘शादी वाले फ्रॉड’ का शिकार हो सकते हैं।