29 मार्च 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर:पुलिस लाइन बिलासपुर में शनिवार को एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, जिसमें राजपत्रित अधिकारियों सहित थाना एवं चौकी स्तर के अधिकारी-कर्मचारियों ने भाग लिया।
कार्यशाला में लगभग 75 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य वर्तमान समय में फॉरेंसिक विज्ञान की उपयोगिता को समझना और अपराध विवेचना में उसकी भूमिका को मजबूत करना था।

प्रशिक्षण के दौरान वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. समीर कुजूर एवं वैज्ञानिक अधिकारी प्रशांत कुमार ने फॉरेंसिक जांच के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने अपराध स्थल के निरीक्षण, साक्ष्यों के संरक्षण, फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी की उपयोगिता के बारे में विस्तार से समझाया।
विशेषज्ञों ने बताया कि किस प्रकार फॉरेंसिक विज्ञान अपराधों की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और कैसे सही तरीके से साक्ष्य एकत्रित कर उन्हें सुरक्षित रखा जा सकता है। इसके साथ ही कृत्रिम घटनास्थल तैयार कर अधिकारियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।

कार्यक्रम में उप निरीक्षक कृष्णा साहू द्वारा गंभीर अपराधों की जांच प्रक्रिया, नक्शा निर्माण, जब्ती एवं तलाशी से संबंधित दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए न्यायालय में साक्ष्यों की अहमियत पर प्रकाश डाला।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को सीन ऑफ क्राइम की सुरक्षा, साक्ष्य संकलन, सीलिंग, पैकेजिंग एवं एफएसएल जांच के लिए साक्ष्य भेजने की प्रक्रिया के बारे में भी व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से पुलिस अधिकारियों की विवेचना क्षमता में सुधार होने और अपराध जांच को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद जताई गई।
