02 जुलाई2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर/SECL
बिलासपुर। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए कोयला उत्पादन, कोयला प्रेषण (ऑफटेक) और ओवरबर्डन रिमूवल (ओबीआर) के क्षेत्र में अब तक का सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड बनाया है। कंपनी ने इस अवधि में 44.10 मिलियन टन कोयला उत्पादन, 48.79 मिलियन टन कोयला प्रेषण तथा 99.36 मिलियन घन मीटर ओबीआर दर्ज कर परिचालन उत्कृष्टता का नया मानक स्थापित किया है।

एसईसीएल के अनुसार पहली तिमाही में कोयला उत्पादन में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 7.19 प्रतिशत, कोयला प्रेषण में 5.29 प्रतिशत तथा ओबीआर में 5.62 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं जून 2026 कंपनी के लिए सबसे सफल महीना साबित हुआ, जिसमें अब तक का सर्वाधिक मासिक कोयला उत्पादन और प्रेषण दर्ज किया गया। जून में 34.05 मिलियन घन मीटर ओबीआर कर कंपनी ने नया रिकॉर्ड बनाया, जो निर्धारित लक्ष्य से लगभग 10 प्रतिशत अधिक और जून 2025 की तुलना में 17.3 प्रतिशत की वृद्धि है।

पर्यावरण अनुकूल एवं आधुनिक कोयला परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए एसईसीएल ने फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी (एफएमसी) प्रणाली के माध्यम से पहली तिमाही में 19.58 मिलियन टन कोयले का प्रेषण किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 19.7 प्रतिशत अधिक है। एफएमसी आधारित साइलो लोडिंग प्रणाली तेज, स्वच्छ और धूलरहित कोयला परिवहन को बढ़ावा दे रही है।

एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने इस उपलब्धि का श्रेय कर्मचारियों की प्रतिबद्धता और परिचालन उत्कृष्टता को देते हुए कहा कि कंपनी आधुनिक तकनीकों और सतत खनन पद्धतियों के माध्यम से देश की ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि मानसून के मद्देनज़र सभी खदानों में व्यापक तैयारियां पहले ही सुनिश्चित कर ली गई हैं ताकि कोयले की निर्बाध आपूर्ति बनी रहे।
देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में भी एसईसीएल की भूमिका मजबूत रही। पहली तिमाही के दौरान कंपनी ने विद्युत उत्पादन इकाइयों को 37.79 मिलियन टन कोयले की आपूर्ति की, जो पिछले वर्ष की तुलना में 5.4 प्रतिशत अधिक है। वहीं भूमिगत खनन में 3.17 मिलियन टन कोयला उत्पादन कर कंपनी ने पिछले छह वर्षों की पहली तिमाही का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया।
एसईसीएल का यह रिकॉर्ड प्रदर्शन कंपनी की परिचालन क्षमता, आधुनिक तकनीकों के प्रभावी उपयोग और देश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने की उसकी प्रतिबद्धता का प्रमाण माना जा रहा है। साथ ही यह उपलब्धि कोल इंडिया लिमिटेड के वित्तीय वर्ष 2026-27 के उत्पादन एवं प्रेषण लक्ष्यों की प्राप्ति में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।
सीजी क्राइम रिपोर्टर ✍️ प्रधान संपादक
