29 मार्च 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर/शनिचरी बाजार
शहर के प्रमुख शनिचरी बाजार क्षेत्र में इन दिनों एंट्री पॉइंट बंद किए जाने, पानी,बिजली (स्ट्रीट लाइट)संकट और अव्यवस्थित व्यवस्था को लेकर व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। व्यापारिक संगठनों ने इसे व्यापार पर सीधा प्रहार बताते हुए जल्द समाधान की मांग की है।

व्यापारियों के अनुसार, जिस डिवाइडर को राजमार्ग का हिस्सा बताया जा रहा है, उसके कारण बाजार के मुख्य प्रवेश मार्गों को बंद किया जा रहा है। जबकि इस मार्केट में लगभग 200 दुकानें संचालित हैं और ग्राहकों के लिए केवल 2-3 प्रमुख एंट्री पॉइंट ही उपलब्ध हैं। इनमें से भी रास्ते बंद होने से व्यापार पूरी तरह प्रभावित हो गया है।

व्यापारियों का कहना है कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के मार्ग बंद कर दिए गए हैं, और ना ही किसी प्रकार की शनिचरी बाजार के व्यापारियों को जानकारी दी गई है।जिससे ग्राहकों की आवाजाही रुक गई है और व्यापार ठप होने की स्थिति बन गई है।

इसके साथ ही क्षेत्र में बिजली, पानी की समस्या ने हालात और भी खराब कर दिए हैं।व्यापारिक संगठनों ने बताया कि संबंधित विभागों द्वारा कार्य तो किया जा रहा है, लेकिन योजना और समन्वय की कमी के कारण बाजार की स्थिति बिगड़ती जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
व्यापारियों की मुख्य मांगें
👉.मार्केट के मुख्य एंट्री पॉइंट तुरंत खोले जाएं
👉.डिवाइडर निर्माण में संशोधन किया जाए
👉.वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाए
👉.बिजली (स्ट्रीट लाइट)पानी की समस्या का तत्काल समाधान किया जाए
👉.बाजार में सफाई व्यवस्था सुधारी जाए

शनिचरी बाजार केअध्यक्ष,उपाध्यक्ष एवं सचिव का कहना है कि“हम सिर्फ इतना चाहते हैं कि हमारे बाजार के मुख्य रास्ते बंद न किए जाएं। अगर रास्ते ही बंद हो जाएंगे तो ग्राहक कैसे आएंगे और व्यापार कैसे चलेगा? अभी पानी और बिजली संबंधित की भी गंभीर समस्या है,जिससे हालात खराब हो रहे हैं। प्रशासन हमारी समस्याओं को गंभीरता से लेकर जल्द समाधान करे, नहीं तो हमें आंदोलन करना पड़ेगा।
”व्यापारियों ने स्पष्ट किया है कि वे जल्द ही संबंधित विभाग (PWD) और प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखेंगे और त्वरित समाधान की मांग करेंगे।
व्यापारियों में शनिचरी बाजार के अध्यक्ष बृजलाल नागदेव,उपाध्यक्ष राजकुमार हंसपाल,सचिव ताराचंद आहूजा,लखन नागदेव,राजकुमार जेठानी,विजय नागदेव,आनंद नोपानी,राकेश वलेचा,नारायण मनचंदा,राकेश हीरयानी,कन्हैया हूंदानी,रवि तोलानी,और मोनू वाधवानी प्रमुख रूप से शामिल रहे।
