28 मार्च 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर/सिंधी समाज
बिलासपुर। सिंधी समाज के नववर्ष चेट्रीचंड्र महोत्सव के पावन अवसर पर आराध्य देव भगवान लाल साईं झूलेलाल की भव्य एवं ऐतिहासिक शोभायात्रा शहर में बड़े ही धूमधाम, श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। सिंधी युवक समिति के तत्वावधान में आयोजित इस विशाल आयोजन ने पूरे शहर को भक्ति, रंग और उल्लास के वातावरण में सराबोर कर दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत बंधवापारा में प्रातः 11 बजे भगवान झूलेलाल की विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं महाआरती के साथ हुई। इसके पश्चात समिति के संयोजक एवं संरक्षक अमर बजाज, अध्यक्ष मनीष लाहोरानी सहित वरिष्ठजनों ने नारियल फोड़कर शोभायात्रा का शुभारंभ किया। जैसे ही शोभायात्रा आगे बढ़ी, “आयो लाल झूलेलाल” के जयघोष से पूरा शहर गूंज उठा।

शोभायात्रा बुधवारी बाजार से प्रारंभ होकर बंधवापारा, धानमंडी रोड, गुरुनानक चौक, तोरवा नाका, दयालबंद, गांधी चौक, जूना बिलासपुर, कंवरराम कपड़ा बाजार, गोल बाजार, सदर बाजार, प्रताप चौक, पुराने पुल, सरकंडा होते हुए नए पुल से हेमू कालानी चौक, जरहाभाटा मार्ग से सिंधी कॉलोनी (भक्त कंवरराम नगर) पहुंची, जहां रात 11 बजे इसका समापन हुआ।

समिति के मुख्य सलाहकार राजकुमार बजाज के अनुसार, शोभायात्रा में भगवान लाल साईं झूलेलाल जी की भव्य प्रतिमा के साथ निकली धार्मिक झांकियों ने सभी श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।


इस ऐतिहासिक यात्रा में भगवान झूलेलाल की सुसज्जित प्रतिमा के साथ आकर्षक एवं जीवंत धार्मिक झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। संत शिरोमणि संत कंवरराम की भजन-कीर्तन झांकी, राजस्थान कल्चर की प्रस्तुति, महाकाल भोलेनाथ की अघोर साधना, राधा-कृष्ण रासलीला, बांके बिहारी आरती, मोर नृत्य, कत्थक नृत्य, गदर सीन और अन्य सजीव झांकियों ने पूरे माहौल को भक्तिमय और रोमांचक बना दिया।

विशेष रूप से महिलाओं द्वारा झूलेलाल की आरती करते हुए नृत्य और युवाओं का सिंधी डांडिया आकर्षण का केंद्र रहा। सिंधी गीतों की धुन पर समाज के लोग झूम उठे और उत्सव का आनंद लिया। जगह-जगह समाज एवं अन्य वर्गों के लोगों ने शोभायात्रा का भव्य स्वागत करते हुए फल, मिठाई, शरबत और प्रसाद का वितरण किया।

पूरे शहर को रंग-बिरंगी झालरों और सजावट से जगमग कर दिया गया, जिससे ऐसा प्रतीत हुआ मानो बिलासपुर में “आयो लाल झूलेलाल” का विशाल मेला लगा हो। भव्य आतिशबाजी और बैंड-बाजों की गूंज ने आयोजन को और भी खास बना दिया।

समापन स्थल सिंधु विद्या मंदिर, सिंधी कॉलोनी में शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया गया। यहां भगवान झूलेलाल की ज्योत का विधिवत पूजन कर तालाब में विसर्जन किया गया।
इस सफल आयोजन के लिए समिति के संयोजक एवं संरक्षक अमर बजाज, अध्यक्ष मनीष लाहोरानी, महामंत्री अमित संतवानी, कोषाध्यक्ष मुकेश मूलचंदानी सहित सभी पदाधिकारियों ने समाज के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने में पिछले 15 दिनों से जुटे समाज के सभी प्रमुख जनों—अशोक बजाज, अमर बजाज, मनीष लाहोरानी, मनोहर खट्वानी, कैलाश मलघानी, राजकुमार बजाज, रमेश वाधवानी, ओमप्रकाश मनचंदा, अमित संतवानी, मुकेश मूलचंदानी, संजय मतलानी, हीरानंद छुगानी, राजेश गंगवानी, गोविंद बतरा, मनोज सरवानी, राजेश माधवानी, दिलीप घनशानी, ज्ञानचंद जैसवानी, अनमोल खत्री, कैलाश श्यामनानी, भगवानदास भोजवानी, जतिन पुरी, मनोहरलाल मेहरचंदानी, हरिकिशन गंगवानी, विजय वाधवानी, राजेश चंदवानी, रमेश भोजवानी, अमर छाबड़ा, किशन जेठानी, रवि बजाज, राज भाटिया, दीपक माखीजा, सन्नी लाहोरानी, अर्चित बजाज सहित समिति के सभी नवयुवकों का विशेष योगदान रहा।

यह भव्य और ऐतिहासिक शोभायात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि समाज की एकता, संस्कृति और परंपरा की अद्भुत झलक भी प्रस्तुत कर गई।
