19 मार्च 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर: देश के प्रमुख धर्मगुरु अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का एक तीखा और विवादित बयान सामने आया है, जिसने सियासी हलकों में हलचल तेज कर दी है।
शंकराचार्य ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ पार्टियां उनकी आवाज दबाने के लिए हिस्ट्रीशीटरों का इस्तेमाल कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से गौ रक्षा और सनातन धर्म के मुद्दों पर सक्रिय हैं, लेकिन सरकारें इस दिशा में गंभीरता नहीं दिखा रहीं।
उन्होंने कहा, “मैं गौ रक्षा की बात करता हूं, लेकिन सरकारों की प्राथमिकता कहीं और है। मेरी आवाज को दबाने की लगातार कोशिश की जा रही है।”
सनातन धर्म पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि धर्म को बाहरी लोगों से नहीं, बल्कि अंदर ही घुल-मिल चुके “कालनेमियों” से खतरा है। यह बयान भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए शंकराचार्य ने कहा कि सरकार की नीयत सिर्फ वोट लेने की है, हिंदुओं के हित में ठोस काम नहीं हो रहा है। उन्होंने तथाकथित “सवर्ण यूजीसी कानून” को हिंदुओं को बांटने वाला और “राष्ट्रद्रोह” करार देते हुए इसे किसी भी हालत में लागू नहीं करने की बात कही।
वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी सीधा हमला करते हुए उन्होंने कहा कि “मैंने 40 दिन का समय दिया था, लेकिन वे अपने दावे साबित नहीं कर पाए। इससे स्पष्ट है कि वे असली हिंदू नहीं हैं।”
शंकराचार्य के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमाने के आसार हैं और आने वाले दिनों में इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।
