24 फरवरी 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
पुलिस परिवार की प्रतिभाशाली बेटियों ने अपनी उपलब्धियों से पूरे विभाग को गौरवान्वित किया है। पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने विशेष शाखा में पदस्थ प्रधान आरक्षक सतलोक साय पैकरा की सुपुत्री स्वाति पैकरा के प्रथम प्रयास में सिविल जज परीक्षा में चयनित होने पर कार्यालय में सम्मानित कर बधाई और शुभकामनाएं दीं।
स्वाति पैकरा बचपन से ही मेधावी छात्रा रही हैं। उन्होंने डी.पी. विप्र कॉलेज से बीए एलएलबी की पढ़ाई पूरी कर पहले ही प्रयास में सिविल जज परीक्षा उत्तीर्ण कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की। चयन के बाद स्वाति अपने पिता और जोनल पुलिस अधीक्षक दीपमाला कश्यप के साथ आईजी कार्यालय पहुंचीं, जहां श्री गर्ग ने उन्हें पुष्पगुच्छ, स्मरणिका भेंट कर सम्मानित किया और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने स्वाति को ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और दृढ़ता के साथ न्यायिक दायित्व निभाने की प्रेरणा भी दी।

इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि पुलिस की चुनौतीपूर्ण सेवा के बावजूद पुलिसकर्मियों के बच्चे विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं, जो पूरे पुलिस परिवार के लिए गर्व की बात है। उन्होंने पुलिस परिवार के बच्चों के शिक्षा और करियर विकास में हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।
इसी क्रम में प्रधान आरक्षक (चालक) उमाकांत कौशिक की पुत्री डॉ. संध्या कौशिक को भी उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों पर सम्मानित किया गया। संध्या कौशिक ने छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) से एमबीबीएस में सर्वोच्च अंक प्राप्त कर कुल 5 गोल्ड मेडल हासिल किए हैं। वर्तमान में वे केयर हॉस्पिटल, हैदराबाद में रेडियोलॉजी में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने भी स्वाति पैकरा को सिविल जज बनने पर बधाई देते हुए कहा कि पुलिस परिवार की बेटी को न्यायाधीश के रूप में देखना पूरे विभाग के लिए गर्व और सम्मान की बात है। साथ ही उन्होंने डॉ. संध्या कौशिक को चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं।
वहीं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (गुप्तवार्ता) अमित कुमार ने भी दोनों प्रतिभाशाली बेटियों और उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
पुलिस परिवार की इन बेटियों की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि समर्पण, मेहनत और दृढ़ संकल्प से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है, जिससे पूरा पुलिस विभाग गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
