बिलासपुर, 14 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग द्वारा आयोजित विश्व-प्रसिद्ध ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ के दूसरे दिन शहर राष्ट्रभक्ति, सामाजिक एकता और स्वराज के संदेश से सराबोर हो उठा। हिंदवी स्वराज के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज के शौर्य, पराक्रम और जनकल्याणकारी शासन पर आधारित इस भव्य प्रस्तुति ने दर्शकों के मन में गर्व और प्रेरणा का संचार किया। “स्वराज जय हो” के उद्घोष से पूरा सभागार गूंज उठा और वातावरण राष्ट्रभावना से ओतप्रोत हो गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महागणपति जी की विधिवत आरती के साथ हुआ। इसके पश्चात पुलवामा में वीरगति को प्राप्त भारतीय सेना के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उपस्थित जनसमूह ने मौन धारण कर उन्हें नमन किया।

महानाट्य में शिवाजी महाराज के शासन-दर्शन, न्यायप्रियता, प्रजा-केंद्रित सोच और सामाजिक समरसता के आदर्शों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।
तीन घंटे तक चले इस भव्य मंचन में जीवंत दृश्य, सशक्त संवाद, लोकगीत, भजन और आकर्षक मंच सज्जा ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्वराज, राष्ट्रवाद, रामराज्य और न्याय की अवधारणा को जिस प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया, उससे दर्शक-दीर्घा बार-बार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजती रही।

बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि शिवाजी महाराज का पराक्रम और नेतृत्व भारतीय इतिहास का गौरव है, जिसे उचित स्थान मिलना चाहिए। पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने महानाट्य को जनकल्याणकारी शासन और सामाजिक एकता का जीवंत उदाहरण बताया। आयोग के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर ने कहा कि ‘जाणता राजा’ केवल नाट्य मंचन नहीं, बल्कि समाज को जागृत करने वाला सांस्कृतिक आंदोलन है, जिसका उद्देश्य युवाओं को शिवाजी महाराज के आदर्शों से जोड़ना है।

महापौर पूजा विधानी ने इसे बिलासपुर के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन शहर की सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रीय गौरव को मजबूत करते हैं। पूर्व राज्य महिला आयोग अध्यक्ष हर्षिता पांडेय ने शिवाजी महाराज के जीवन को नारी सम्मान, साहस और न्याय का प्रतीक बताया। वहीं दीपक सिंह ने कहा कि इतिहास को सही दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने पर वह समाज को नई दिशा देता है।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने जानकारी दी कि महानाट्य का अंतिम मंचन 15 फरवरी को किया जाएगा। उन्होंने आम जनता से सपरिवार उपस्थित होकर इस ऐतिहासिक और प्रेरणादायी प्रस्तुति का साक्षी बनने की अपील की। इस अवसर पर राजकुमार सचदेव, गणेश साहू, डॉ. प्रमोद तिवारी, प्रफुल्ल शर्मा, हरवंश शुक्ला, महेंद्र जैन, सुनील चौहान, नकुल सिंह, विश्वास जलताड़े, सौरभ वर्तक और बबलू कश्यप सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
