15 फरवरी 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
बिलासपुर, 14 फरवरी 2026। दूरस्थ और अंदरूनी क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए बनाए जा रहे पुल और सड़कों ने अब विकास की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है। कांकेर जिला में बीते दो वर्षों के दौरान 61 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से 15 पुलों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जिससे लगभग 100 गांवों और करीब 80 हजार ग्रामीणों का ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय से सीधा और बारहमासी संपर्क स्थापित हो गया है।
इन पुलों के निर्माण से ग्रामीणों की जिंदगी में बड़ा बदलाव आया है। जहां पहले बरसात के दिनों में संपर्क पूरी तरह टूट जाता था, वहीं अब शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोजगार के अवसर गांवों तक आसानी से पहुंच रहे हैं। साथ ही, शासकीय योजनाओं का लाभ भी तेजी से दूरस्थ अंचलों तक पहुंचने लगा है।

आतुरबेड़ा–भैसगांव–निन्ना मार्ग पर महानदी की मेंढ़की धारा पर बना उच्च स्तरीय पुल इस परिवर्तन का प्रमुख उदाहरण बनकर उभरा है। इस पुल के निर्माण से सुदूर क्षेत्रों में आवागमन सुगम हुआ है और प्रशासनिक कार्यों को भी मजबूती मिली है। सड़क और पुल नेटवर्क के विस्तार से विकास कार्यों को गति मिलने के साथ-साथ पहले माओवाद प्रभावित रहे इलाकों में शासन की पहुंच भी मजबूत हुई है।
इसी क्रम में आने वाले समय में भी बड़े स्तर पर पुल निर्माण की योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। पिछले दो वर्षों में 85 करोड़ रुपये की लागत से 9 नए वृहद पुलों को मंजूरी दी गई है।

लोक निर्माण विभाग छत्तीसगढ़ के सेतु निर्माण संभाग के कार्यपालन अभियंता श्री राजेंद्र सोनकर ने बताया कि बासनवाही–टांहकापार मार्ग पर महानदी पर 28 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला पुल हजारों ग्रामीणों के लिए जीवनरेखा साबित होगा और पर्यटन को भी बढ़ावा देगा।
इसके अलावा, सोनपुर–मरोड़ा मार्ग पर बेचाघाट में कोटरी नदी पर 15 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से पुल निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके पूरा होने से माड़ क्षेत्र के गांवों का सीधा संपर्क स्थापित होगा और क्षेत्र में सामाजिक व आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा दूरस्थ अंचलों तक मजबूत सड़क और पुल नेटवर्क विकसित करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ये पुल और सड़कें केवल कंक्रीट की संरचनाएं नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सुरक्षा और समृद्धि के नए द्वार खोलने वाले माध्यम बन रहे हैं। इनके माध्यम से सुदूर गांवों में विकास की रोशनी पहुंच रही है और क्षेत्र तेजी से प्रगति की राह पर अग्रसर हो रहा है।
