बीट प्रणाली से मजबूत हुई पुलिस की पकड़, 24×7 गश्त से सुदृढ़ कानून व्यवस्था
04 फरवरी 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर के निर्देशन में जिले में अपराध नियंत्रण, नशाखोरी, अड्डेबाजी, असामाजिक गतिविधियों एवं यातायात अव्यवस्था पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ड्रोन तकनीक आधारित विशेष निगरानी अभियान संचालित किया जा रहा है। आधुनिक तकनीक के उपयोग से पुलिस की कार्यवाही अब और तेज, सटीक व प्रभावी हो गई है।

ड्रोन से प्राप्त लाइव फीड के आधार पर सिरगिट्टी क्षेत्र में चिन्हित स्थानों पर दबिश देकर नशा व अड्डेबाजी में लिप्त 15 संदिग्धों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई।
वहीं सरकण्डा क्षेत्र के साइंस कॉलेज परिसर में आयोजित व्यापार मेले के दौरान ड्रोन के माध्यम से यातायात प्रबंधन एवं भीड़ नियंत्रण कर सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन निगरानी अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, ताकि प्रत्येक थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था और अधिक मजबूत बनी रहे। पुलिस आमजन की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


इसी कड़ी में जिले के समस्त थाना क्षेत्रों में बीट प्रणाली (Beat System) को मानक कार्यप्रणाली (SOP) के अनुरूप सुदृढ़ रूप से लागू किया गया है। इसका उद्देश्य अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था को मजबूत करना एवं आम जनता से प्रभावी समन्वय स्थापित करना है।

बीट अधिकारी अपने क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों, असामाजिक तत्वों, बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही, किरायेदारों एवं नवागंतुकों की जानकारी संधारित करेंगे। साथ ही नागरिकों से निरंतर संवाद स्थापित कर प्रारंभिक सूचना संकलन, अपराध की रोकथाम और जन-विश्वास को सुदृढ़ किया जाएगा।

प्रत्येक बीट में आवंटित मोटरसाइकिलों में जीपीएस सिस्टम लगाया गया है, जिससे पुलिस की सतत उपस्थिति एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित होगी। इससे त्वरित कार्रवाई संभव होगी और सामुदायिक पुलिसिंग को नई मजबूती मिलेगी।

जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बीट प्रणाली के तहत 24×7 गश्त व्यवस्था लागू की गई है। प्रत्येक बीट क्षेत्र में 6 आरक्षक प्रातः, सायं एवं रात्रि—तीन शिफ्टों में तैनात रहेंगे। शहरी क्षेत्रों में बाजार, भीड़भाड़ वाले स्थान, स्लम बस्तियां, स्कूल-कॉलेज, एटीएम, बस एवं रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील स्थानों को कवर किया गया है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में 3 से 6 गांव, खेत-खलिहान, जलस्रोत, वन सीमावर्ती क्षेत्र एवं दुर्घटनाजन्य स्थल बीट में शामिल किए गए हैं।

बीट अधिकारियों को नशा, जुआ-सट्टा, चोरी, नकबजनी, छेड़छाड़ एवं गुंडागर्दी जैसी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। नशे के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर इसके नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने पर विशेष जोर दिया गया है।
स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, दुकानदारों, चौकीदारों, सरपंच, कोटवार एवं शिक्षकों से निरंतर संपर्क स्थापित कर समय रहते विवादों का निराकरण किया जाएगा। रात्रिकालीन गश्त विशेष रूप से रात्रि 12 बजे से सुबह 4 बजे के बीच प्रभावी रूप से की जाएगी। प्रत्येक बीट में बीट डायरी, अपराध मानचित्रण, सीसीटीवी कैमरों एवं क्यूआर कोड के माध्यम से पुलिस उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।
