
01 फरवरी 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर……
बिलासपुर | उसलापुर
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, ओम शांति सरोवर, उसलापुर के प्रांगण में भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय एवं ब्रह्माकुमारीज के समाज सेवा प्रभाग (RERF) के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय अभियान “संगम गौरवपूर्ण वृद्धावस्था एवं सम्माननीय जीवन” विषय पर एक विशेष एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि माननीय श्रीमती पूजा विधानी जी (महापौर, बिलासपुर) ने अपने उद्बोधन में कहा कि बुजुर्ग समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव जीवन को दिशा देने वाले होते हैं। आज की युवा पीढ़ी तकनीकी रूप से सक्षम जरूर है, लेकिन पीढ़ियों के बीच सामंजस्य स्थापित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज कई बुजुर्ग उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं, जबकि उनका सम्मान और देखभाल हमारा नैतिक कर्तव्य है। ऐसे कार्यक्रम समाज को सोचने और बदलने की प्रेरणा देते हैं।

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता ब्रह्माकुमारी छाया दीदी ने कहा कि वृद्ध और बच्चे की स्थिति समान हो जाती है—दोनों को प्रेम, समय और भावनात्मक सहारे की आवश्यकता होती है। केवल भौतिक सुविधाएं देना ही केयर नहीं है, बल्कि संवाद, अपनापन और सम्मान ही बुजुर्गों की असली जरूरत है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों की दुआएं परिवार को सुरक्षा और उन्नति प्रदान करती हैं। आत्मज्ञान और राजयोग मेडिटेशन द्वारा वृद्धावस्था को भी आनंदमय और ऊर्जावान बनाया जा सकता है।

विशिष्ट अतिथि माननीय श्रीमती निधि मांडवी जी (जिला जेल अधीक्षक) ने कहा कि यह कार्यक्रम बुजुर्गों के प्रति अपने व्यवहार पर आत्ममंथन करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों से मिले संस्कार ही आने वाली पीढ़ी की नींव होते हैं।

कु. शिल्पा बहन (एंजल) ने अपने प्रेरक विचारों में कहा कि उम्र शरीर की होती है, मन और आत्मा की नहीं। उन्होंने कहा कि उन्होंने 20 साल के बुजुर्ग और 80 साल के युवा देखे हैं। उत्साह, उमंग और उद्देश्य ही असली जवानी है।
माननीय बहन रेखा आहूजा जी (समाज सेवक) ने कहा कि बुजुर्गों की सेवा से आत्मिक संतोष और पुण्य की प्राप्ति होती है। उन्होंने वृद्धाश्रमों की वास्तविक स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए समाज से अपील की कि घर में ही बुजुर्गों को सम्मान और प्रेम दिया जाए।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि एवं अन्य गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। रूबी बहन ने भावपूर्ण कविता “आशीष का अंसार आप हैं, अनुभवों का भंडार आप हैं…” प्रस्तुत कर सभी को भाव-विभोर कर दिया। वहीं “वृद्धाश्रम का दृश्य” नाटक की प्रस्तुति ने दर्शकों को आत्मचिंतन के लिए मजबूर कर दिया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी बुजुर्ग माताओं एवं दादाओं का तिलक, पुष्पमाला, श्रीफल एवं उपहार देकर हृदय से सम्मान किया गया। समापन सत्र में राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से सभी को शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव कराया गया।
ईश्वरीय सेवा में
बी.के. छाया बहन
ब्रह्माकुमारीज, ओम शांति सरोवर
उसलापुर, बिलासपुर (छ.ग.)
मो. 9009852538
