30 जनवरी 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर…..
बिलासपुर
भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) द्वारा संचालित रैंप योजना (RAMP) के अंतर्गत पर्यटन क्षेत्र में रोजगार और उद्यमिता की संभावनाओं को विस्तार देने के उद्देश्य से तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन सरकंडा स्थित रीति रिवाज होटल में प्रारंभ हुआ। यह कार्यशाला 30 जनवरी से 1 फरवरी 2026 तक आयोजित की जा रही है।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पर्यटन जैसे उभरते क्षेत्र में स्वरोजगार को बढ़ावा देना, नए उद्यमों की स्थापना को प्रोत्साहित करना तथा आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करना है। विशेष रूप से महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि वे पर्यटन क्षेत्र में नई पहचान बना सकें।


कार्यशाला के पहले दिन प्रतिभागियों को पर्यटन उद्योग में उपलब्ध अवसरों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षक कृतेश हिरवानी ने पर्यटन क्षेत्र की वर्तमान स्थिति, भविष्य की संभावनाओं, होम-स्टे, ट्रैवल सर्विस, टूर गाइड, होटल प्रबंधन, स्थानीय उत्पादों के विपणन तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से रोजगार सृजन जैसे विषयों पर प्रेरणादायी मार्गदर्शन दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को यह भी बताया कि सीमित संसाधनों के साथ किस प्रकार छोटे स्तर पर पर्यटन आधारित उद्यम शुरू किए जा सकते हैं।
उद्यमिता की राह आसान, पंजीयन और वित्तीय सहायता पर मार्गदर्शन

कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों का उद्यम पंजीयन कराया गया, जिससे उन्हें भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ, अनुदान, सब्सिडी तथा बैंक ऋण प्राप्त करने में सुविधा मिलेगी। साथ ही एमएसएमई से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें उद्यमिता के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का संयोजन गार्गी फाउंडेशन की अध्यक्ष श्रीमती बिंदु कच्छवाहा द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि रैंप योजना उद्यमियों, विशेषकर महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सशक्त मंच है।
उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाकर सीखी गई जानकारियों को व्यवहार में उतारने का आह्वान किया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से प्रतिभागियों में उद्यमशीलता की नई सोच विकसित हुई है, जो उन्हें पर्यटन क्षेत्र में रोजगार के नए अवसरों की पहचान करने में सहायक होगी। यह पहल स्थानीय स्तर पर आर्थिक विकास, स्वरोजगार और रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
