साप्ताहिक जनदर्शन में सैकड़ों आवेदनों पर अधिकारियों ने की सुनवाई
30 दिसम्बर 2025
सीजी क्राइम रिपोर्टर…..
बिलासपुर
कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम में नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे एवं जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने आम नागरिकों की समस्याओं की सुनवाई की। इस दौरान सैकड़ों लोग अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर जनदर्शन में उपस्थित हुए। अधिकारियों ने प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से पढ़कर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनदर्शन में एग्रीस्टेक पंजीयन एवं रकबा दर्ज नहीं होने से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आईं। कोनी निवासी आदिवासी किसान पुरूषोत्तम गोंड़ ने ग्राम गतौरा में भांजादान में प्राप्त भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए आवेदन सौंपा। किसान के अनुसार गतौरा निवासी नारायण राठौर एवं उनके दो पुत्र बीते लगभग डेढ़ दशक से उनकी भूमि पर बेजा कब्जा किए हुए हैं। इस मामले में आवेदन को एसडीएम को भेजते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

तखतपुर विकासखंड के ग्राम गुटेना निवासी रामायण श्रीवास ने प्रधानमंत्री आवास योजना की तीसरी किश्त शीघ्र दिलाने की मांग रखी। उन्होंने बताया कि किश्त मिलने की उम्मीद में कर्ज लेकर मकान निर्माण पूर्ण किया गया, लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बाद भी तीसरी किश्त प्राप्त नहीं हो सकी। इस पर तखतपुर जनपद पंचायत सीईओ को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
गनियारी निवासी किसान मोहनलाल साहू ने गिरदावरी रिपोर्ट में सुधार की मांग की। उन्होंने बताया कि हल्का पटवारी द्वारा फसल विवरण में धान फसल का उल्लेख नहीं किए जाने के कारण एग्रीस्टेक पंजीयन होने के बावजूद वे धान विक्रय नहीं कर पा रहे हैं। इस संबंध में तहसीलदार सकरी को आवेदन प्रेषित कर तत्काल प्रविष्टि दर्ज करने के निर्देश दिए गए।
इसी प्रकार मस्तुरी विकासखंड के ग्राम भगवानपाली निवासी किसान लाल बहादुर राय ने ट्रैक्टर पंजीयन के डेढ़ वर्ष बाद भी आरसी बुक नहीं मिलने की शिकायत की। इस पर सीईओ ने आरटीओ को तत्काल आरसी बुक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
तालापारा मरार गली निवासी श्रीमती प्रीति गांगवने ने निवास हेतु अटल आवास की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि पति द्वारा परित्यक्त किए जाने के बाद वे बच्चों के साथ किराये के मकान में कठिन जीवन-यापन कर रही हैं।
वहीं बिल्हा विकासखंड के ग्राम बरतोरी निवासी किसान मनोज कुमार कौशिक ने धान विक्रय के लिए तीसरे टोकन की मांग की। उन्होंने बताया कि 10 एकड़ भूमि में धान की फसल बोई गई थी, जिसमें से 8 एकड़ की फसल दो टोकन के माध्यम से बेची जा चुकी है, जबकि शेष 2 एकड़ की उपज अभी शेष है। इस संबंध में निगम आयुक्त ने खाद्य नियंत्रक को आवेदन भेजकर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
