01 दिसम्बर 2025
सीजी क्राइम रिपोर्टर……
रायपुर। श्री गुरु जीवतपुरी गोस्वामी, श्री दुर्गा माता मंदिर मढ़ी‚ लिली चौक पुरानी बस्ती रायपुर के श्री सतगुरू महंत अनंतपुरी गोस्वामी जी के मार्गदर्शन में 23 से 29 नवंबर तक सिंधी धर्मशाला, गली नंबर 5 तेलीबांदा में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन किया गया। कथा व्यास बाबा आनंद राम दरबार के एकादशी वाले बलराम भैया जी ने अपनी अमृतवाणी से सातों दिनों तक भक्तों को भागवत कथा का रसपान कराया।

प्रतिदिन अलग-अलग अध्यायों के माध्यम से कथा आगे बढ़ती रही। अंत में श्रीकृष्ण और सुदामा मिलन का भावपूर्ण वर्णन किया गया। सुखदेव जी द्वारा राजा परीक्षित को सुनाई जा रही इस कथा को बलराम भैया जी ने भक्तिमय रूप में प्रस्तुत किया। कथा के विभिन्न प्रसंगों में श्रीकृष्ण की बाल लीलाएँ, कंस वध, रुक्मणि विवाह, महाभारत प्रसंग तथा अंत में यदुवंश के विनाश का उल्लेख भी हुआ। गांधारी द्वारा दिए गए श्राप के कारण यदुवंश के नाश का वर्णन सुनकर कई भक्त भावुक हो उठे।

सात दिन तक भक्ति की गंगा तेलीबांदा में प्रवाहित होती रही, जिसमें छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, उड़ीसा, दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों से भारी संख्या में भक्तजन पहुँचे। संत–महात्माओं, समाज के वरिष्ठजन, नेता तथा भाई साहबों ने भी उपस्थिति दर्ज कर कथा श्रवण किया।

समापन दिवस पर प्रातः काल कमल महाराज के सान्निध्य में विधि–विधान से हवन यज्ञ संपन्न कराया गया। कथा के अंत में अनेक श्रद्धालु भाव-विह्वल हुए, क्योंकि सात दिन का यह आध्यात्मिक उत्सव अब समाप्त हो रहा था। कथा वाचक ने कहा कि जिस घर में भागवत का वास होता है, जहाँ भागवत का एक पृष्ठ भी पढ़ा या सुना जाता है, वहाँ पूर्वजों की शांति बढ़ती है और वह घर भी वृंदावन के समान पवित्र हो जाता है।

दोपहर 1 बजे भागवत कथा का भोग लगाया गया और कमल महाराज के मार्गदर्शन में पूर्ण पूजा–विधि सम्पन्न हुई। श्री सतगुरु महंत अनंतपुरी गोस्वामी जी ने कथा के सफल आयोजन पर सभी भक्तों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

शंकर भाई ने सभी पंडितों और संतजन का आशीर्वाद ग्रहण कर 51 पंडितों के लिए सामूहिक भोज का आयोजन किया। संतजन और भक्तों के लिए भव्य भंडारे का भी प्रबंध किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

समापन अवसर पर जबलपुर से संत बाबा त्रिलोकदास, भोपाल से संत साईं तुलसीदास, रीवा से संत साईं हंसदास, देवपुरी गोदड़ीधाम से दादी मीरा देवी साहिबा, रायपुर के संत साईं जलकुमार मसंत, कृष्ण धाम रायपुर के भाई साहब सुदामा भैया, कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा, छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष सतीश थोरानी, भाजपा नेता व पार्षद अमर गिदवानी, पूज्य सिंधी पंचायत तेलीबांदा के अध्यक्ष बसंत कुकरेजा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

संतजनों ने कहा कि सिंधी भाषा में भागवत कथा का आयोजन करना अत्यंत सराहनीय है। इससे न केवल सनातन धर्म बल्कि सिंधी भाषा और संस्कृति को भी संरक्षण एवं मजबूती मिलती है। सभी ने मिलकर ऐसे धार्मिक आयोजनों को आगे भी निरंतर जारी रखने का आह्वान किया।
इस पूरे आयोजन की सफलता में श्री दुर्गा माता मंदिर मढ़ी रायपुर के सभी सेवादारों का विशेष योगदान रहा। समापन पर श्री सतगुरु महंत अनंतपुरी गोस्वामी जी ने सभी संतजनों, पंडितों, भाई साहबों और भक्तों का आभार व्यक्त कर उनका सम्मान किया।
