29 नवम्बर 2025
सीजी क्राइम रिपोर्टर…..
रायगढ़ ब्यूरो…..
रायगढ़। खरसिया पुलिस ने शिक्षा का अधिकार (RTE) योजना के नाम पर चल रहे एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए ग्राम अड़भार (जिला सक्ती) निवासी घनश्याम टंडन और उसकी पत्नी शांति टंडन को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। दंपती ने अस्तित्वहीन स्कूल के नाम पर शासन से ₹22,52,281 की प्रतिपूर्ति राशि गबन की थी।
घटना का खुलासा तब हुआ जब विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय खरसिया में पदस्थ सहायक ग्रेड–02 खिलावन बंजारे ने थाना खरसिया में लिखित आवेदन देकर जानकारी दी कि आरोपी दंपती ग्राम बड़े देवगांव में मदर इंडिया कॉन्वेंट स्कूल बड़े देवगांव के नाम से एक फर्जी अशासकीय स्कूल संचालित करने का दावा कर रहे हैं। जांच में पाया गया कि बड़े देवगांव में न तो कोई भवन है और न ही ऐसा कोई विद्यालय अस्तित्व में है।

दंपती ने स्वयं को विद्यालय का संचालक और प्रधान पाठक बताते हुए वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक कई बच्चों को RTE के तहत प्रवेशित दिखाया, जबकि वास्तविकता में वे छात्र शासकीय विद्यालयों में पढ़ रहे थे। आरोपियों ने नकली प्रवेश पंजी और उपस्थिति पुस्तिकाओं का उपयोग कर शासन से शुल्क एवं गणवेश प्रतिपूर्ति की राशि आहरित कर अपने निजी खाते में जमा कर ली।
जिला शिक्षा अधिकारी रायगढ़ ने आरोपियों को गबन की गई राशि शासन के पक्ष में जमा करने नोटिस भी जारी किया था, लेकिन उन्होंने राशि वापस नहीं की। इसके बाद दंपती के खिलाफ फर्जी स्कूल संचालन और RTE राशि गबन की शिकायत थाना खरसिया को सौंपी गई।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपराध क्रमांक 607/2025, धारा 318(4) एवं 3(5) BNS के तहत मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में एसपी दिव्यांग पटेल, एसडीओपी प्रभात पटेल के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश जांगड़े, एएसआई उमाशंकर धृतांत एवं पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
