06 मार्च 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर/मस्तूरी
बिलासपुर, 6 मार्च 2026। कभी सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बीच जीवन यापन करने वाली मस्तूरी विकासखंड के ग्राम पंचायत पौंड़ी की सीमा वर्मा आज अपनी मेहनत और हौसले के दम पर नई पहचान बना चुकी हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़कर उन्होंने न केवल अपने जीवन की दिशा बदली, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं।
वर्ष 2014 में सीमा वर्मा ने जय मां गायत्री स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपने सफर की शुरुआत की। शुरुआती दौर में उन्होंने समूह के साथ बचत और छोटे-मोटे कार्यों के जरिए अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने का प्रयास किया। बिहान से जुड़ने के बाद उन्हें स्वरोजगार के अवसर मिले और उन्होंने पैरा मशरूम उत्पादन का कार्य शुरू किया। अपनी लगन और मेहनत से उन्होंने इस कार्य को सफल बनाया और इससे नियमित आय प्राप्त होने लगी।
कुछ नया सीखने और आगे बढ़ने की चाह ने उन्हें आधुनिक तकनीक की ओर प्रेरित किया। दिसंबर 2023 में उन्होंने ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के बाद शासन की सहायता से उन्हें ड्रोन सेट, जनरेटर और ई-वाहन उपलब्ध कराया गया। इसके बाद सीमा वर्मा ने किसानों के खेतों में ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक का छिड़काव करना शुरू किया।
आज सीमा वर्मा ड्रोन तकनीक के जरिए किसानों की मदद कर रही हैं और सम्मानजनक आय अर्जित कर रही हैं। गांव में लोग उन्हें अब स्नेहपूर्वक ‘ड्रोन दीदी’ के नाम से पुकारते हैं। उनकी यह प्रेरणादायक यात्रा इस बात का प्रमाण है कि यदि अवसर और मार्गदर्शन मिले तो ग्रामीण महिलाएं भी अपने सपनों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती हैं। ‘बिहान’ योजना ने सीमा को न सिर्फ नई दिशा दी, बल्कि उनके सपनों को सच करने की उड़ान भी दी।
