बिलासपुर। चकरभाठा पुलिस ने मोबाइल चोरी कर उसके स्क्रीन लॉक को खोलने और आधार की जानकारी का इस्तेमाल कर यूपीआई खातों से रकम निकालने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने मदद करने के बहाने पीड़ित और उसके दोस्त के मोबाइल चोरी किए थे। इसके बाद मोबाइल में मौजूद आधार संबंधी जानकारी हासिल कर फोन-पे और पेटीएम जैसे यूपीआई माध्यमों को रीसेट कर बैंक खातों से लाखों रुपये निकाल लिए।
प्रार्थी सूरज सतनामी ने 25 सितंबर 2026 को चकरभाठा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि 8 सितंबर की रात करीब 11 बजे तेज बारिश के दौरान वह इंडियन कॉफी हाउस चकरभाठा के पास रुका था। इसी दौरान वह अचानक बेहोश होकर गिर गया। होश आने पर उसे सिम्स अस्पताल में भर्ती पाया गया, जबकि उसका दोस्त वहां नहीं था। उसका मोबाइल भी गायब था। घर लौटने के बाद तबीयत खराब होने के कारण उसने दो-तीन दिन बाद दूसरा सिम लेकर मोबाइल में लगाया, तब यूपीआई लेनदेन के मैसेज से खाते से रकम निकाले जाने की जानकारी मिली।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने मोबाइल का स्क्रीन लॉक खोलकर गैलरी में मौजूद आधार कार्ड की फोटो से आधार नंबर हासिल किया। इसके बाद यूपीआई सेवाओं को रीसेट कर प्रार्थी और उसकी मां के बैंक खातों से करीब 2 लाख 84 हजार रुपये निकाल लिए। पुलिस के अनुसार निकाली गई रकम का इस्तेमाल ऑनलाइन गेमिंग आईडी, खाने-पीने, कपड़े खरीदने और कार से घूमने में किया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
बैंक लेनदेन और गवाहों से मिली जानकारी के आधार पर चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में पुलिस ने आरोपियों से घटना के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने का दावा किया है।
पुलिस ने आरोपी विवेक वर्मा (20 वर्ष), करन नायक (18 वर्ष 9 माह), गौरी शंकर साहू उर्फ लालू (18 वर्ष 8 माह) और गगन उर्फ शिबू साहू (25 वर्ष) को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन, एक पावर बैंक, खरीदे गए कपड़े और 15 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। बरामद मशरूका की कुल कीमत करीब 75 हजार रुपये बताई गई है।
पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं तथा आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध या अवैध गतिविधि की जानकारी तत्काल डायल 112 या नजदीकी थाने में दें।
