रायगढ़। शासकीय भूमि के फर्जी अंतरण और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए रजिस्ट्री कराने के मामले में कापू पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। तत्कालीन पटवारी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने फर्जी रजिस्ट्री में अनुप्रमाणक साक्षी रहे अगस्तुस खलखो (43), निवासी पोराडाही, थाना धरमजयगढ़ को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद फर्जीवाड़े में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।
मामला ग्राम पंचायत रायमेर की शासकीय भूमि से जुड़ा है। तहसीलदार कापू की शिकायत पर दर्ज प्रकरण में आरोप है कि शासकीय भूमि के विभिन्न खसरों में कूटरचना कर खसरा बंटाकन और राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर किया गया। इसके बाद बाहरी व्यक्तियों के नाम पर फर्जी पट्टे तैयार कर दलालों के माध्यम से जमीन की रजिस्ट्री कराई गई। जांच में तत्कालीन पटवारी राकेश साय सहित कैलाश कुमार जेठवानी उर्फ सोनी, उजितराम, अगस्तुस खलखो और लालबहादुर यादव के नाम सामने आए।
पुलिस ने इस मामले में अपराध क्रमांक 131/2026 के तहत धारा 420, 467, 468, 471 और 120(बी) भादवि में अपराध दर्ज किया है। इससे पहले 2 सितंबर को तत्कालीन पटवारी राकेश साय को ग्राम गनपतपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था। उसके कब्जे से लैपटॉप और प्रिंटर भी जब्त किए गए थे। अब फरार आरोपियों की तलाश के दौरान अगस्तुस खलखो पुलिस के हाथ लगा।
पूछताछ में अगस्तुस खलखो ने पुलिस को बताया कि वह कैलाश जेठवानी उर्फ सोनी के कहने पर प्रकरण में शामिल हुआ था। पुलिस के मुताबिक, उसने 20 अक्टूबर 2022 को धरमजयगढ़ रजिस्ट्री कार्यालय में पहुंचकर आधार कार्ड जमा करने और फर्जी रजिस्ट्री दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने की बात स्वीकार की। आरोपी के मेमोरेंडम कथन के आधार पर कैलाश जेठवानी से बातचीत में प्रयुक्त मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर अगस्तुस खलखो को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है, जबकि मामले के अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
