10 सितम्बर 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर रेंज साइबर थाना ने साइबर वित्तीय अपराध में इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक खातों के नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी कमीशन के लालच में बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबर ठगी की रकम के लेन-देन के लिए अन्य लोगों को उपलब्ध कराते थे।
बिलासपुर में जांच के दौरान छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की मंगला शाखा के ‘अजय फार्म हाउस’ खाते में महज 25 दिनों में ₹2 करोड़ 20 लाख 68 हजार 443 रुपये के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा हुआ। बैंक अभिलेख, केवाईसी दस्तावेज, मोबाइल नंबर, तकनीकी साक्ष्य और आपसी संपर्कों की जांच के बाद पुलिस ने एक-एक कर 6 आरोपियों की भूमिका सामने लाई।
गिरफ्तार आरोपियों में अजय कुमार सोनी, अभिलाष कुमार डेनियल उर्फ चिंटू, भास्कर कश्यप, नरेन्द्र कुर्रे, आशीष तिवारी और देवेश कुमार दास उर्फ रोबिन शामिल हैं। पुलिस के अनुसार आरोपियों में कुछ लोग खाते उपलब्ध कराने, कुछ खाताधारकों से संपर्क कराने और कुछ बैंकिंग साधनों में आवश्यक अनुप्रयोग डालकर खातों को साइबर अपराध के लिए इस्तेमाल कराने की भूमिका में थे। इसके बदले 20 हजार से 25 हजार रुपये तक कमीशन और लेन-देन के आधार पर लगभग 2.8 प्रतिशत कमीशन दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
जांच में आरोपियों से जुड़े बैंक खातों के खिलाफ चंडीगढ़, महाराष्ट्र, पंजाब, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम, कर्नाटक, ओडिशा, राजस्थान, झारखंड, मध्यप्रदेश, बिहार, दिल्ली, गोवा, गुजरात और हिमाचल प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों से कुल 50 साइबर अपराध संबंधी शिकायतें सामने आई हैं। इन शिकायतों में करीब 4 करोड़ रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित जानकारी मिली है, जिसकी विस्तृत जांच जारी है।
पुलिस ने आरोपियों से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, एटीएम कार्ड और अन्य बैंकिंग सामग्री जब्त की है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और बैंक खातों की भी जांच कर रही है।
यह कार्रवाई बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग और बिलासपुर पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन तथा नोडल अधिकारी गगन कुमार के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में रेंज साइबर थाना प्रभारी प्रसाद सिन्हा, कामिल हक सहित साइबर थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
