10 सितम्बर 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर रायगढ़ विशेष
रायगढ़। खरसिया क्षेत्र के ग्राम कोठीकुंडा में हुए बहुचर्चित तिहारू साहू हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश खरसिया श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव की अदालत ने हत्या के मामले में चारों आरोपियों—विकास साहू, भुनेश्वर साहू, जानकी साहू और जया साहू—को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 2-2 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।

मामला 7 जुलाई 2025 का है। पारिवारिक विवाद को लेकर तिहारू साहू अपनी दूसरी पत्नी सुकमति के साथ मोटरसाइकिल से जा रहा था। कोठीकुंडा में उसकी पहली पत्नी जानकी साहू ने रास्ते में बांस रखकर मोटरसाइकिल रुकवा दी। इसके बाद जानकी और उसकी बहन जया ने तिहारू से मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान बेटा विकास साहू और साला भुनेश्वर साहू भी पहुंच गए। चारों ने मिलकर तिहारू पर हमला किया, जिसमें विकास ने धारदार टांगी से वार कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया।

इलाज के दौरान 12 जुलाई 2025 को तिहारू की मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने हत्या की धारा 103(1) बीएनएस जोड़ी। चौकी प्रभारी एएसआई लक्ष्मी नारायण राठौर ने साक्ष्य और गवाहों के बयान जुटाकर तेजी से विवेचना पूरी की और 8 सितंबर 2025 को न्यायालय में चालान पेश किया।
मामले में अपर लोक अभियोजक तन्मय बनर्जी की प्रभावी पैरवी और पुलिस की साक्ष्यपरक विवेचना के आधार पर अदालत ने चारों आरोपियों को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
