19 अगस्त 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर। बिलासपुर रेंज में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों पर अब पुलिस ने कार्रवाई और निगरानी को और तेज करने की तैयारी कर ली है। पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग ने 18 अगस्त को रेंज के साइबर थानों, साइबर सेल प्रभारियों और नोडल अधिकारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को साइबर अपराधों के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने के सख्त निर्देश दिए।
आईजी कार्यालय के बैठक कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में साइबर अपराधों तथा विभिन्न साइबर पोर्टलों से प्राप्त शिकायतों की बिंदुवार समीक्षा की गई। उन्होंने लंबित शिकायतों और दर्ज अपराधों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
हर थाने में रोजाना साइबर पोर्टल लॉगिन अनिवार्य:आईजी ने स्पष्ट किया कि अब केवल साइबर थानों तक साइबर अपराधों की कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। रेंज के सभी सामान्य थानों को रोजाना नेशनल साइबर अपराध पोर्टल पर लॉगिन करना अनिवार्य होगा। पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों को उसी दिन स्वीकार कर तत्काल वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
फर्जी सिम बेचने वाले एजेंटों पर सीधे एफआईआर:साइबर अपराधों में फर्जी या संदिग्ध सिम के इस्तेमाल को गंभीरता से लेते हुए आईजी ने फर्जी सिम सक्रिय करने अथवा बेचने वाले पॉस एजेंटों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पुलिस मुख्यालय से प्राप्त म्यूल खातों की सूची के आधार पर भी तत्काल कार्रवाई कर अनुपालन रिपोर्ट भेजने को कहा गया।
ठगी की रकम पीड़ितों तक पहुंचाने में तेजी:बैठक में साइबर ठगी के बाद बैंकों में होल्ड कराई गई राशि को पीड़ितों के खातों में वापस कराने पर विशेष जोर दिया गया। 15 दिन से अधिक पुराने बैंक होल्ड मामलों में तत्काल कार्रवाई कर राशि वापसी की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए।
धारा 106 के तहत न्यायालयीन आदेश प्राप्त करने की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा बैंक समन्वय के दौरान पुलिस स्तर पर किसी भी अनुरोध को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखने के निर्देश भी दिए गए।
ठगी के डिजिटल नेटवर्क पर भी कार्रवाई:साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल नंबर, आईपी एड्रेस, व्हाट्सऐप और टेलीग्राम खातों को प्राथमिकता के आधार पर ब्लॉक कराने के निर्देश दिए गए। इसकी मासिक प्रगति रिपोर्ट उच्च कार्यालय को भेजी जाएगी।
इसके अलावा गिरफ्तार साइबर अपराधियों का पूरा विवरण, फिंगरप्रिंट और एफआईआर की स्थिति ‘समन्वय पोर्टल’ पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने को कहा गया। पंजीकृत साइबर वालंटियर्स का सत्यापन पूरा कर साइबर अपराध के प्रति जागरूकता फैलाने में स्थानीय युवाओं को जोड़ने के निर्देश भी दिए गए।
आईजी ने कहा—साइबर अपराध नियंत्रण सर्वोच्च प्राथमिकता:आईजी राम गोपाल गर्ग ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, पुलिसिंग में पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारी निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें, ताकि लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण हो और साइबर ठगी के पीड़ितों को समय पर न्याय एवं उनकी राशि वापस मिल सके।
बैठक में पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में पदस्थ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती सुरेशा चौबे, उप पुलिस अधीक्षक विवेक शर्मा, रेंज साइबर थाना प्रभारी सहित साइबर थाना एवं साइबर सेल के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
सीजी क्राइम रिपोर्टर ✍️ प्रधान संपादक
