19 अगस्त 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर/रायगढ़ विशेष
रायगढ़। जमीन और मकान अधिग्रहण के बाद मिले 69 लाख 64 हजार 618 रुपये के मुआवजे में से 49 लाख 50 हजार रुपये की कथित धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्रामीण की अनभिज्ञता का फायदा उठाकर चेक पर हस्ताक्षर कराने और फिर लाखों रुपये दूसरे खातों में ट्रांसफर करने के आरोप में घरघोड़ा पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले का दूसरा आरोपी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
जानकारी के मुताबिक ग्राम तिलाईपाली बिच्छीनारा निवासी अमीर कुमार राठिया की जमीन और मकान एनटीपीसी तलाईपाली कोयला खनन परियोजना के लिए अधिग्रहित हुए थे। इसके एवज में उनके बैंक खाते में 69,64,618 रुपये मुआवजा राशि जमा हुई थी।
शिकायत के अनुसार गांव के खगेश्वर गुप्ता ने मुआवजा राशि से संबंधित कागजी कार्रवाई कराने की बात कहकर ग्रामीण की बैंक पासबुक अपने पास रख ली। इसके बाद 8 जून 2026 को खगेश्वर गुप्ता अपने साथी प्रदीप गुप्ता के साथ प्रार्थी को पंजाब नेशनल बैंक शाखा रायकेरा ले गया। आरोप है कि बैंक की प्रक्रिया कराने के नाम पर दोनों ने प्रार्थी से चेक पर हस्ताक्षर करा लिए।
प्रार्थी का कहना है कि उसने अपने बच्चों के खातों में 5-5 लाख रुपये जमा कराने की सहमति दी थी, लेकिन चेक के माध्यम से अन्य कितनी राशि और किन खातों में भेजी जा रही है, इसकी उसे जानकारी नहीं थी।
बैंक स्टेटमेंट ने खोला लाखों की हेराफेरी का राज
जब प्रार्थी ने बाद में अपने बैंक खाते का स्टेटमेंट निकलवाया तो उसके होश उड़ गए। रिकॉर्ड में सामने आया कि उसके खाते से मोतीलाल गुप्ता के खाते में 25 लाख रुपये और जगदीश गुप्ता के खाते में 24 लाख 50 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए थे। यानी कुल 49 लाख 50 हजार रुपये खाते से निकल चुके थे।
प्रार्थी ने आरोप लगाया कि उसकी जानकारी और सहमति के बिना उसके हस्ताक्षरयुक्त चेक का इस्तेमाल कर रकम आरोपियों के परिचितों या परिजनों के खातों में ट्रांसफर कराई गई।
शिकायत के बाद घरघोड़ा पुलिस ने अपराध क्रमांक 257/2026, धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
बैंक रिकॉर्ड और गवाहों के बयान बने पुलिस की कड़ी
थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में पुलिस ने प्रार्थी और गवाहों के बयान दर्ज किए। साथ ही पंजाब नेशनल बैंक शाखा रायकेरा से संबंधित खातों के स्टेटमेंट और अन्य दस्तावेज हासिल किए गए। जांच में मिले तथ्यों के आधार पर पुलिस ने खगेश्वर गुप्ता पिता दनार्दन गुप्ता, उम्र 29 वर्ष, निवासी ग्राम तिलाईपाली, थाना तमनार, जिला रायगढ़ को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने अपने साथी प्रदीप गुप्ता के साथ मिलकर घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। इसके बाद खगेश्वर गुप्ता को 18 अगस्त 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। वहीं दूसरा आरोपी प्रदीप गुप्ता फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
एसएसपी की दो टूक—वित्तीय दस्तावेज किसी के भरोसे न छोड़ें
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि मेहनत की कमाई को धोखाधड़ी से हड़पने वालों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने लोगों से बैंक खाते, चेकबुक, पासबुक और अन्य वित्तीय दस्तावेज किसी के भरोसे पर न छोड़ने, बिना पढ़े किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं करने तथा बैंक खातों की नियमित निगरानी रखने की अपील की। संदिग्ध लेन-देन की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की भी सलाह दी गई है।
रायगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि बैंकिंग दस्तावेजों में छोटी सी लापरवाही भी लाखों रुपये के नुकसान का कारण बन सकती है।
सीजी क्राइम रिपोर्टर प्रधान संपादक
