16 अगस्त 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर/रायगढ़ विशेष
रायगढ़। नाबालिग बालिकाओं और महिलाओं से जुड़े अपराधों पर रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज है। “अभियान संवेदना” के तहत पुसौर पुलिस ने घर से लापता हुई 17 वर्षीय नाबालिग बालिका को जम्मू-कश्मीर से सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने बालिका को शादी का प्रलोभन देकर भगाने और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने के आरोप में 24 वर्षीय युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार पुसौर थाना क्षेत्र की 17 वर्ष 9 माह की बालिका 21 जुलाई 2026 की सुबह करीब 3 बजे घर से बिना बताए चली गई थी। परिजनों की तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चला। रिपोर्ट पर पुसौर पुलिस ने अपराध क्रमांक 195/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान बालिका के जम्मू में होने की जानकारी मिली। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में पुसौर पुलिस की टीम जम्मू-कश्मीर रवाना हुई। लगातार पतासाजी के बाद 12 अगस्त को पुलिस ने बुनगा निवासी पुनमचंद मैत्री (24) के कब्जे से नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया।
महिला अधिकारी द्वारा बालिका का कथन कराया गया, जिसमें उसने आरोपी पर शादी का प्रलोभन देकर भगाकर ले जाने और शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)(i), 64(2)(एम) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 4 के तहत कार्रवाई करते हुए उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। बालिका को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस, उप निरीक्षक कुंदन लाल गौर, प्रधान आरक्षक बसंत पांडे, धनुर्जय बेहरा तथा महिला आरक्षक देवमति मांझी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
महिला से दुष्कर्म के आरोप में विधि से संघर्षरत बालक पर कार्रवाई:इधर, रैरूमाखुर्द चौकी क्षेत्र में 32 वर्षीय महिला ने 17 वर्षीय किशोर पर घर में अकेली होने के दौरान डराने-धमकाने और दुष्कर्म करने का आरोप लगाया। महिला के अनुसार घटना 15 जुलाई को हुई थी। आरोपी ने घटना किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी, जिसके चलते उसने तत्काल किसी को जानकारी नहीं दी।
बाद में आरोपी के तमिलनाडु जाने के बाद महिला ने अपने पति को घटना की जानकारी दी। शिकायत पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 225/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1) और 351(3) में मामला दर्ज किया।
जांच के दौरान पुलिस ने विधि से संघर्षरत बालक को तलब कर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार पूछताछ में उसने घटना करना स्वीकार किया। इसके बाद उसे किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया।
रायगढ़ पुलिस का कहना है कि महिला एवं बाल अपराधों से संबंधित शिकायतों में पीड़ितों की सुरक्षा और त्वरित कार्रवाई को प्राथमिकता दी जा रही है।
सीजी क्राइम रिपोर्टर प्रधान संपादक
