15 अगस्त 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर। सरकंडा थाना क्षेत्र के मोपका में जमीन खरीद-बिक्री के नाम पर कथित धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि पति-पत्नी ने दूसरे व्यक्ति की जमीन को अपनी बताकर खरीदार को दिखाई और उसी जमीन की करीब 20 लाख 9 हजार रुपये में रजिस्ट्री करा दी। बाद में सीमांकन हुआ तो जमीन किसी और के नाम दर्ज होना सामने आया। शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर अब आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
मामला राजकिशोर नगर निवासी बीना पटेल और उसके पति छत्रपाल पटेल से जुड़ा है। शिकायतकर्ता युगल किशोर साहू के मुताबिक, उन्होंने मोपका स्थित खसरा नंबर 2452/2, रकबा 2050 वर्गफुट जमीन खरीदने का सौदा दोनों से किया था। 17 जनवरी 2023 को इकरारनामा और 16 फरवरी 2023 को पंजीकृत विक्रय पत्र के जरिए करीब 20.09 लाख रुपये में जमीन की रजिस्ट्री कराई गई। शिकायतकर्ता का दावा है कि रजिस्ट्री की पूरी रकम देने के साथ जमीन खरीदने के लिए बैंक से लिया गया ऋण भी वह लगातार चुका रहा है।
सीमांकन हुआ तो सामने आया बड़ा पेंच:मकान निर्माण की तैयारी के दौरान शिकायतकर्ता ने जनवरी 2025 के आसपास जमीन के सीमांकन के लिए तहसीलदार के समक्ष आवेदन किया। राजस्व निरीक्षक द्वारा सीमांकन किए जाने पर कथित तौर पर सामने आया कि विक्रेताओं ने जिस जमीन को अपनी बताकर खरीदार को दिखाई थी, वह गोविंद चंद्र देवनाथ की भूमि है।
शिकायत के अनुसार, सीमांकन की कार्रवाई में आरोपियों को नोटिस भी जारी किया गया था, लेकिन वे मौके पर मौजूद नहीं हुए। इसके बाद खरीदार ने विक्रेताओं से जमीन का कब्जा दिलाने की मांग की तो कथित तौर पर उसे धमकाया गया।
20 लाख की जमीन, खर्च 28 लाख के पार होने का दावा
शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपियों ने बेईमानीपूर्वक दूसरे व्यक्ति की जमीन को अपनी बताकर उससे 20 लाख 9 हजार रुपये हासिल किए। रजिस्ट्री, ऋण और अन्य खर्च जोड़कर कुल नुकसान करीब 28 लाख रुपये होने का दावा किया गया है।
मामले की शिकायत पर मोपका पुलिस सहायता केंद्र में दर्ज प्रारंभिक अपराध को सरकंडा थाने में धारा 420 एवं 34 भादवि के तहत नंबरी अपराध में बदला गया। वहीं, अद्यतन कार्रवाई में पुलिस ने बीएनएस के तहत धोखाधड़ी के प्रकरण में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस अब जमीन के दस्तावेज, विक्रय पत्र, भुगतान का रिकॉर्ड, सीमांकन रिपोर्ट और संबंधित पक्षों के बयानों की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई विवेचना के आधार पर की जाएगी।
नोट: आरोप शिकायत और पुलिस कार्रवाई पर आधारित हैं; मामले की अंतिम सत्यता न्यायिक विवेचना के निष्कर्ष पर निर्भर करेगी।
