13 अगस्त 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
रायगढ़:रात के अंधेरे में सुनियोजित तरीके से चोरी किए गए ट्रेलर डाला की गुत्थी कोतवाली पुलिस ने महज 10 दिनों में सुलझा ली। पुलिस ने घटनास्थल से लेकर रायपुर तक के रास्ते में लगे करीब 300 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे और निशानदेही से चोरी गया ट्रेलर डाला एवं इंजन समेत करीब ₹13 लाख का मशरूका, वारदात में इस्तेमाल करीब ₹8 लाख कीमत की कार और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक 27 जुलाई की देर रात करीब 2:30 बजे सीएमओ तिराहा के पास सड़क किनारे खड़े ट्रेलर डाला को आरोपियों ने पहले से बनाई गई योजना के तहत चोरी किया। चोरी के डाला को दूसरे ट्रेलर के इंजन से जोड़कर रायपुर ले जाया गया। आरोपियों ने मुख्य मार्ग और टोल नाकों से बचने के लिए कच्चे एवं बाईपास रास्तों का इस्तेमाल किया।
जांच के दौरान पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में चोरी का डाला ट्रेलर क्रमांक सीजी 13 एएस 8857 के इंजन से जुड़ा हुआ दिखाई दिया। खास बात यह रही कि उसके आगे नीले रंग की कार क्रमांक सीजी 13 बीए 7639 पायलेटिंग करते हुए चल रही थी। पुलिस ने दोनों वाहनों के पूरे मार्ग को सीसीटीवी के जरिए ट्रेस किया और रायपुर के कबीरनगर क्षेत्र तक पहुंच बनाई।
इसके बाद आरटीओ रिकॉर्ड के आधार पर ट्रेलर मालिक जसविन्दर सिंह उर्फ राहुल तक पुलिस पहुंची। पूछताछ में उसने अपने साथी पवनदीप सिंह और संदीप कुमार खत्री के साथ मिलकर चोरी करना स्वीकार किया। आरोपियों ने चोरी का डाला रायपुर निवासी हरचरण सिंह सरदार को ₹4.30 लाख में बेचने की बात बताई। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने ग्राम बेलतरा, थाना रतनपुर क्षेत्र से चोरी गया डाला एवं इंजन बरामद कर लिया।
वारदात में पायलेटिंग के लिए इस्तेमाल की गई करीब ₹8 लाख कीमत की कार भी पुलिस ने जब्त कर ली है। जांच में यह भी सामने आया कि तीनों आरोपी वाहन चलाने के पेशे से जुड़े हैं और उन्हें वाहनों तथा रास्तों की अच्छी जानकारी थी। आरोपी संदीप कुमार खत्री पूर्व में मोटरसाइकिल चोरी के मामले में जेल जा चुका है। चोरी का डाला खरीदने वाला आरोपी हरचरण सिंह सरदार फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
पुलिस ने जसविन्दर सिंह उर्फ राहुल, पवनदीप सिंह और संदीप कुमार खत्री को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अमित तिवारी, उप निरीक्षक ऐनु देवांगन, सहायक उप निरीक्षक कौशल सिंह जगत तथा आरक्षक उत्तम सारथी, प्रताप बेहरा एवं नितेश लकड़ा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि संपत्ति संबंधी अपराधों में चोरी गए माल की बरामदगी और त्वरित खुलासा पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि करीब 300 सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच और तकनीकी साक्ष्यों के बेहतर उपयोग से पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध कितना भी सुनियोजित क्यों न हो, पुलिस की निगाह से बचना आसान नहीं है।
सीजी क्राइम रिपोर्टर ✍️ प्रधान संपादक
