12 अगस्त 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर। बिलासपुर प्रेस क्लब के पारंपरिक कार्यक्रम “हमर पहुना” में बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला पत्रकारों से रूबरू हुए। उन्होंने बेलतरा के विकास को लेकर अपनी प्राथमिकताएं साझा करते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीकी एवं उच्च शिक्षा, खेल सुविधाओं, रोजगार, मजबूत बाजार, अरपा नदी के प्रदूषण, नगरीय विस्तार और अव्यवस्थित बसाहट जैसे मुद्दों पर विस्तार से अपनी बात रखी।

कार्यक्रम में पत्रकारों ने शहर और बेलतरा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न सवाल विधायक के सामने रखे, जिनका उन्होंने जवाब दिया। प्रेस क्लब की कार्यकारिणी और पत्रकारों ने पुष्पगुच्छ भेंटकर उनका स्वागत किया।
शिक्षा और स्वास्थ्य को विकास का आधार बताया
सुशांत शुक्ला ने कहा कि बेलतरा तेजी से शिक्षा और चिकित्सा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। हालांकि केवल नए भवन और संस्थान बनाना पर्याप्त नहीं है। बेहतर सेवाओं के साथ विशेषज्ञ मानव संसाधन और रोजगार के अवसर भी विकसित करने होंगे।

उन्होंने कहा कि बिलासपुर को राजधानी क्षेत्र की विकास गति से जोड़ने के लिए बेहतर यातायात, मजबूत बाजार और रोजगार के नए अवसर जरूरी हैं। उनके अनुसार मजबूत बाजार शहर की अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ाता है।
सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को लेकर भरोसा
विधायक ने बिलासपुर में प्रस्तावित सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को लेकर कहा कि काम आगे बढ़ रहा है। उन्होंने माना कि अस्पताल को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की आवश्यकता होगी। देश में ऐसे विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या सीमित होने के कारण उन्हें बिलासपुर की ओर आकर्षित करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है।

उन्होंने पत्रकारों से भी शहर की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करने में सहयोग की अपील की।
सिम्स विस्तार और मानसिक चिकित्सालय का जिक्र
सुशांत शुक्ला ने सिम्स मेडिकल कॉलेज के विस्तार और नई प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कार्यों का उल्लेख करते हुए करीब 700 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान की जानकारी दी। निर्माण लागत बढ़ने के कारण परियोजना की लागत बढ़ने की बात भी उन्होंने कही।
वहीं मानसिक चिकित्सालय के नए भवन के लिए विधायक बनने के बाद पहले बजट में करीब 20 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलने की जानकारी दी। तकनीकी और अन्य प्रक्रियाओं के कारण आई चुनौतियों के बावजूद कार्य आगे बढ़ाने के प्रयास जारी होने की बात कही।

तकनीकी और उच्च शिक्षा पर जोर
विधायक ने कहा कि बिलासपुर में केंद्रीय विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग कॉलेज और आईटीआई जैसे महत्वपूर्ण संस्थान हैं। इन संस्थानों में आधुनिक संसाधन और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है।
उन्होंने बताया कि शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज की नई इमारत के लिए करीब 42 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। आईटीआई के विकास के लिए बजट प्रावधान तथा कृषि शिक्षा और अनुसंधान केंद्र के विकास को लेकर भी प्रयास किए जा रहे हैं।
खेल सुविधाओं पर करीब 70 करोड़ के कार्य
खेल क्षेत्र में विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए सुशांत शुक्ला ने कहा कि बीआर यादव खेल परिसर में करीब 70 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न कार्य कराए गए हैं। इनमें एस्ट्रोटर्फ पर पवेलियन, हाईमास्ट प्रकाश व्यवस्था, तीरंदाजी केंद्र, कबड्डी के इंडोर-आउटडोर मैदान तथा इंडोर स्टेडियम में मैपल फ्लोरिंग और वातानुकूलन जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
उन्होंने जिला खेल परिसर में स्विमिंग पूल, बैडमिंटन कोर्ट, क्रिकेट मैदान में हाईमास्ट तथा वॉलीबॉल और बास्केटबॉल जैसी सुविधाओं के विकास का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि इन प्रयासों का उद्देश्य बिलासपुर की खेल प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराना है।

अरपा नदी के प्रदूषण पर उठाए सवाल
कार्यक्रम में अरपा नदी के प्रदूषण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। विधायक ने नदी में पहुंच रहे गंदे पानी और पूर्व में हुए बैराज निर्माण की योजना पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर के विभिन्न नालों से रोजाना बड़ी मात्रा में गंदा पानी अरपा में पहुंच रहा है।
उन्होंने कहा कि बैराज निर्माण से पहले गंदे पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी। शिवघाट और फचरी घाट के बैराजों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पहले नालियों की व्यवस्थित निकासी और उसके बाद बैराज निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना अधिक उचित होता।
अरपा नदी को प्रदूषण से मुक्त करने, गंदे पानी की व्यवस्थित निकासी और पर्यावरण संरक्षण के लिए दीर्घकालिक योजना की जरूरत बताई।
300 से अधिक अवैध बसाहटें बड़ी चुनौती
बेलतरा क्षेत्र के नगरीय विस्तार पर विधायक ने कहा कि 12 पंचायतों को 18 वार्डों में बदलकर नगर निगम क्षेत्र में शामिल किए जाने के बाद कई स्थानों पर अव्यवस्थित बसाहटें विकसित हुईं। वर्तमान में 300 से अधिक अवैध बसाहटों को व्यवस्थित करना बड़ी चुनौती है।
उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में सड़क, नाली, पेयजल और विद्युतीकरण जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। मुख्य मार्गों के चौड़ीकरण और नाली निर्माण के कार्य शुरू किए जा रहे हैं।
सड़क-नाली निर्माण में एक विभाग की जवाबदेही पर जोर
सुशांत शुक्ला ने कहा कि पहले सड़क, नाली और डिवाइडर के निर्माण की जिम्मेदारी अलग-अलग विभागों के पास रहती थी। इससे निर्माण के बाद जवाबदेही को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं रहती थी।
उन्होंने कहा कि अब सड़क निर्माण, डामरीकरण, डिवाइडर और नाली निर्माण की जिम्मेदारी एक ही विभाग के माध्यम से तय करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि विकास कार्यों में जवाबदेही स्पष्ट हो।
बेलतरा में 300 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का दावा
विधायक ने दावा किया कि बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के नगरीय इलाकों में 300 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य शुरू हो चुके हैं, जबकि लगभग इतनी ही राशि के कार्य स्वीकृति की प्रक्रिया में हैं।
उन्होंने कहा कि विकास के साथ अनियोजित और अवैध प्लाटिंग पर रोक लगाना भी जरूरी है। अव्यवस्थित प्लाटिंग के कारण भविष्य में सड़क, नाली, पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में कठिनाई होती है।
सामूहिक प्रयास से विकसित होगा बिलासपुर
कार्यक्रम के समापन पर सुशांत शुक्ला ने कहा कि किसी शहर का विकास किसी एक व्यक्ति या संस्था के प्रयास से संभव नहीं है। जनप्रतिनिधि, प्रशासन, पत्रकार और समाज के सभी वर्गों को मिलकर काम करना होगा।
उन्होंने कहा कि बिलासपुर के समग्र विकास के लिए शिक्षा,
स्वास्थ्य, तकनीकी शिक्षा, खेल, रोजगार, बाजार, सड़क, नाली, पर्यावरण और नगरीय सुविधाओं पर एक साथ काम करने की जरूरत है। “हमर पहुना” कार्यक्रम के जरिए उन्होंने शहर के विकास को लेकर अपनी प्राथमिकताओं और भविष्य की दिशा पत्रकारों के सामने रखी।
