10 अगस्त 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर/ रायगढ़ विशेष
रायगढ़, 9 अगस्त 2026। नशे के खिलाफ जंग अब सिर्फ पुलिस की कार्रवाई तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि गांवों में महिलाओं की भागीदारी के साथ इसे सामाजिक अभियान का रूप दिया जा रहा है। अवैध शराब के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच पुलिस ने ग्रामीण महिलाओं को जागरूक कर उन्हें नशे के खिलाफ मजबूत सामाजिक प्रहरी बनाने की पहल शुरू की है।

इसी कड़ी में भूपदेवपुर थाना प्रभारी निरीक्षक रोशन कुमार कौशिक ग्राम बिलासपुर पहुंचे और महिला समूहों के साथ चौपाल लगाकर नशे से होने वाले सामाजिक दुष्परिणामों पर चर्चा की। खास बात यह रही कि थाना प्रभारी ने औपचारिक दूरी बनाए रखने के बजाय महिलाओं के बीच जमीन पर बैठकर सहज संवाद किया और गांव की वास्तविक समस्याओं को जाना।
‘नशा एक व्यक्ति नहीं, पूरे परिवार को करता है बर्बाद’
चौपाल में थाना प्रभारी ने महिलाओं को बताया कि शराब और नशे की लत का असर केवल सेवन करने वाले व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता। इससे परिवार में विवाद, घरेलू हिंसा और आर्थिक संकट बढ़ता है। कई मामलों में नशे की आदत व्यक्ति को चोरी, मारपीट और दूसरे गंभीर अपराधों की ओर भी धकेल देती है। नशे में वाहन चलाने से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।
उन्होंने कहा कि परिवार और गांव की स्थिति को सबसे करीब से देखने वाली महिलाओं की भूमिका नशे के खिलाफ लड़ाई में बेहद महत्वपूर्ण है।

महिलाओं ने लिया बड़ा संकल्प:पुलिस की अपील का असर चौपाल में दिखाई दिया। महिला समूह की सदस्यों ने एकजुट होकर संकल्प लिया कि गांव में न तो अवैध शराब बनने देंगी और न ही उसकी बिक्री होने देंगी। महिलाओं ने अवैध शराब से जुड़ी किसी भी गतिविधि की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने और गांव को नशे से बचाने में सक्रिय भूमिका निभाने का भरोसा दिलाया।
पुलिस ने महिलाओं को महिला एवं बाल सुरक्षा से संबंधित ‘हेलो सिस्टर’ हेल्पलाइन नंबर 94792-70533 की जानकारी भी दी। साथ ही ग्रामीणों से गांव में आने वाले संदिग्ध व्यक्तियों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने तथा तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की गई।

पुलिस कार्रवाई के साथ अब जनभागीदारी पर जोर
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह की रणनीति के तहत अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ ग्रामीणों और महिला समूहों को भी अभियान से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। पुलिस का उद्देश्य केवल कार्रवाई, गिरफ्तारी और जब्ती तक सीमित न रहकर समाज के सहयोग से नशे के खिलाफ मजबूत सुरक्षा तंत्र तैयार करना है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई पूरे समाज की जिम्मेदारी है। अवैध शराब और मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी रहेगी, लेकिन स्थायी बदलाव के लिए गांवों और परिवारों की भागीदारी जरूरी है। विशेष रूप से महिलाओं की जागरूकता और सहभागिता को उन्होंने नशे के खिलाफ पुलिस की बड़ी ताकत बताया।
महिलाओं का यह संकल्प अब गांवों में नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस के लिए एक मजबूत सूचना तंत्र और सामाजिक दबाव का आधार बन सकता है।
सीजी क्राइम रिपोर्टर ✍️ प्रधान संपादक
