10 अगस्त 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर/रायगढ़ विशेष
रायगढ़: 60 किलो गांजा तस्करी के मामले में फरार चल रहे मुख्य सप्लायर तक पुलिस आखिरकार पहुंच गई। मोबाइल नंबर से शुरू हुई तकनीकी जांच, मुखबिर तंत्र और लगातार पतासाजी के बाद पुलिस ने ओडिशा के बौद्ध जिले में दबिश देकर मुख्य गांजा सप्लायर शंकर मेहर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए घर छोड़कर फरार था और तस्करी के दौरान हर बार मोबाइल नंबर, नाम और डील की जगह बदलता था।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत तमनार पुलिस ने की।
दरअसल, 20 अप्रैल 2026 को तमनार पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार क्रमांक ओआर-15-टी-7372 से 60 किलो गांजा बरामद किया था। मामले में सोहन लाल सिदार और विनोद प्रधान को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से गांजा, कार और दो मोबाइल सहित करीब 20 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी।
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया था कि उन्हें ओडिशा से गांजा मोबाइल नंबर 8658206423 के माध्यम से उपलब्ध कराया गया था। इसी नंबर को पुलिस ने मुख्य सप्लायर तक पहुंचने की अहम कड़ी बनाया। तकनीकी जांच और लगातार पतासाजी के बाद पुलिस ने सप्लायर की पहचान शंकर मेहर, निवासी बौद्ध, ओडिशा के रूप में की।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी की भनक लगते ही आरोपी अपना घर छोड़कर फरार हो गया था। इसके बाद तमनार पुलिस ने क्षेत्र में डेरा डालकर मुखबिर तंत्र सक्रिय किया और आरोपी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी।
इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि शंकर मेहर अपने गांव गुण्डीपदर, थाना बाउन्सुनी, जिला बौद्ध में मौजूद है। सूचना पर तमनार पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद से उसके ठिकाने पर दबिश दी और आरोपी को पकड़ लिया।
पूछताछ में आरोपी ने गांजा तस्करी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। जांच में यह भी सामने आया कि वह पुलिस और खरीदारों को चकमा देने के लिए हर बार अलग
मोबाइल नंबर और अलग नाम का इस्तेमाल करता था। गांजा लेने वालों को वह अलग-अलग स्थानों पर बुलाकर सौदा करता था। अप्रैल में पकड़े गए सोहन लाल सिदार और विनोद प्रधान के सामने भी उसने अपना नाम कमल मेहर बताया था।
पुलिस ने आरोपी शंकर मेहर पिता नित्यानंद मेहर, उम्र 30 वर्ष, निवासी गुण्डीपदर, थाना बाउन्सुनी, जिला बौद्ध, ओडिशा को तमनार थाने के अपराध क्रमांक 78/2026 में धारा 20(बी), 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
इस गिरफ्तारी को 60 किलो गांजा तस्करी मामले में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है, क्योंकि पुलिस केवल गांजा बरामद करने और स्थानीय आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रही, बल्कि जांच को आगे बढ़ाते हुए पूरे सप्लाई चैन की अहम कड़ी और मुख्य सप्लायर तक पहुंची।
फरार आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव, प्रशिक्षु उप निरीक्षक युगल किशोर यादव, सहायक उप निरीक्षक शशिदेव भोय और आरक्षक अतुल सिदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई केवल छोटे तस्करों तक सीमित नहीं रहेगी। पुलिस पूरे सप्लाई नेटवर्क का पता लगाकर मुख्य सप्लायर और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने आमजन से नशे के अवैध कारोबार की सूचना पुलिस को देने की अपील की है और सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखने की बात कही है।
सीजी क्राइम रिपोर्टर ✍️ प्रधान संपादक
