15 जुलाई 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर। समाज में सकारात्मक बदलाव हमेशा बड़े अभियानों से नहीं, बल्कि छोटी-छोटी सार्थक पहलों से शुरू होता है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक पहल होटल बंशीवाला के संचालक एवं समाजसेवी दिनेश चंदानी ने डीआईजी एवं एसएसपी श्री रजनेश सिंह (आईपीएस) के जन्मदिवस पर की। उन्होंने पारंपरिक पुष्पगुच्छ (बुके) की बजाय एक प्रेरणादायक पुस्तक भेंट कर समाज को एक प्रभावशाली संदेश दिया—“बुके नहीं… बुक दीजिए।”

फूलों का बुके कुछ समय बाद मुरझा जाता है, लेकिन एक अच्छी पुस्तक जीवनभर ज्ञान, प्रेरणा और सकारात्मक विचारों का स्रोत बनी रहती है। इसी सोच के साथ दिनेश चंदानी ने जन्मदिवस की शुभकामनाओं को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखते हुए उसे समाज में जागरूकता और शिक्षा को बढ़ावा देने का माध्यम बनाया।

इस पहल का उद्देश्य केवल एक व्यक्ति का सम्मान करना नहीं, बल्कि समाज में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देना और लोगों को ज्ञान का उपहार देने के लिए प्रेरित करना है। यदि जन्मदिन, सम्मान समारोह, स्वागत, सेवानिवृत्ति, विवाह या अन्य शुभ अवसरों पर फूलों की जगह पुस्तकें भेंट करने की परंपरा विकसित हो, तो यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का आधार बन सकती है।

होटल बंशीवाला सामाजिक सरोकारों से जुड़े रचनात्मक कार्यों के लिए हमेशा सक्रिय रहा है। इसी क्रम में यह पहल भी एक संदेश देती है कि सबसे अनमोल उपहार वही है, जो किसी के व्यक्तित्व, विचार और भविष्य को समृद्ध करे।
“बुके नहीं… बुक दीजिए” केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक जन-जागरूकता अभियान है, जो शिक्षा, संस्कार और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। यदि समाज इस विचार को अपनाता है, तो हर उपहार ज्ञान, प्रेरणा और उज्ज्वल भविष्य का माध्यम बन सकता है।
