13 जुलाई 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर जिले के रतनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत खुटाघाट बांध में मछली चोरी की पुरानी रंजिश ने शनिवार रात खूनी रूप ले लिया। बांध की रखवाली करने वाले चौकीदार तिरिथ राम यादव की स्कॉर्पियो से बाइक को टक्कर मारने के बाद खेत में दौड़ाकर लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। हालांकि रतनपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।

पुलिस के अनुसार, कर्रा निवासी तिरिथ राम यादव और उनके साथी श्याम सिंह पोर्ते खुटाघाट बांध में चौकीदारी का कार्य करते थे। 11 जुलाई 2026 की रात दोनों मोटरसाइकिल से ड्यूटी के लिए खुटाघाट जा रहे थे। रात करीब 9 बजे नवागांव के पास स्कॉर्पियो में सवार कान्हा धीवर उर्फ गोलू, अनिश धीवर उर्फ छोटू और उनके साथियों ने उनकी बाइक को जानबूझकर टक्कर मार दी, जिससे दोनों सड़क पर गिर पड़े।

प्रत्यक्षदर्शी श्याम सिंह पोर्ते के अनुसार, बाइक से गिरते ही आरोपियों ने लाठी-डंडों से हमला शुरू कर दिया। जान बचाने के लिए तिरिथ राम यादव खेत की ओर भागे, लेकिन आरोपियों ने उनका पीछा कर बेरहमी से पीटा। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं श्याम सिंह किसी तरह हमलावरों के चंगुल से बचकर गांव पहुंचे और परिजनों तथा पुलिस को घटना की सूचना दी।
जांच में सामने आया कि कुछ दिन पहले तिरिथ राम यादव ने खुटाघाट बांध में कथित रूप से मछली चोरी करते हुए कान्हा धीवर और अनिश धीवर को पकड़ लिया था तथा घटना का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया था। आरोपियों ने मोबाइल छीनकर तोड़ दिया था। इस मामले की शिकायत रतनपुर थाने में दर्ज हुई थी और बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता भी हो गया था। हालांकि मोबाइल की भरपाई और पुराने विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बना रहा।

पुलिस के अनुसार, इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने चौकीदार को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और घात लगाकर वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर विशेष टीम गठित की। थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस ने लगातार दबिश देकर कान्हा धीवर उर्फ गोलू (34 वर्ष), अनिश धीवर उर्फ छोटू (22 वर्ष) और शुभम प्रधान उर्फ शोभू (21 वर्ष) निवासी नवागांव (गिरजाबंद) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार किया, जिसके बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक विष्णु यादव, आरक्षक आकाश डोंगरे, पवन सिंह और धीरज कश्यप की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की गहन जांच जारी है।
सीजी क्राइम रिपोर्टर ✍️ प्रधान संपादक
