10 जुलाई 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर, 10 जुलाई। जिले में 18 जुलाई को आयोजित होने वाले ‘एक पेड़ मां के नाम’ महाअभियान की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने समीक्षा बैठक में स्पष्ट कहा कि पौधे कम लगें तो भी चलेगा, लेकिन उनका संरक्षण हर हाल में सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने अभियान को जनभागीदारी से जनआंदोलन बनाने के निर्देश देते हुए ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों और उद्योगों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया।

जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित बैठक में बताया गया कि जिले में वर्तमान में करीब 14.50 लाख पौधे उपलब्ध हैं। इनमें 12.25 लाख पौधे वन विभाग और 2.25 लाख पौधे उद्यान विभाग की नर्सरियों में तैयार हैं। उद्यान विभाग द्वारा 75 हजार पौधे आम नागरिकों को निःशुल्क वितरित किए जाएंगे। इसके लिए सरकंडा, वेदपरसदा (मस्तूरी), बहतराई (तखतपुर) और करगीकला (कोटा) स्थित नर्सरियों से पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे।
इस वर्ष अभियान में फलदार और छायादार पौधों के रोपण को प्राथमिकता दी जाएगी तथा बड़े आकार के पौधे लगाए जाएंगे। कलेक्टर ने ब्लॉक प्लांटेशन की अवधारणा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इससे पौधों की नियमित देखरेख और संरक्षण बेहतर तरीके से हो सकेगा।

उन्होंने निर्देश दिए कि पौधरोपण के बाद पौधों की जिम्मेदारी बिहान महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपी जाए, ताकि भविष्य में फल उत्पादन के माध्यम से उन्हें अतिरिक्त आय भी प्राप्त हो सके। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीणों की आजीविका बढ़ाने वाले पौधों के रोपण पर विशेष ध्यान देने को कहा।
18 जुलाई को जिलेभर में बड़े पैमाने पर पौधरोपण होगा, जिसमें विधायक, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन, शैक्षणिक संस्थान और आम नागरिक भी शामिल होंगे। स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, शासकीय कार्यालयों और सरकारी भूमि पर गड्ढे खोदने सहित आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
कलेक्टर ने प्रत्येक विकासखंड में एक मॉडल फलदार गांव विकसित करने के निर्देश भी दिए। इन गांवों को आम, अमरूद या मुनगा जैसी किसी एक विशेष फलदार प्रजाति के आधार पर विकसित किया जाएगा, ताकि भविष्य में ये गांव ग्रामीणों की आय बढ़ाने का मॉडल बन सकें।
बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल, डीएफओ नीरज सहित विभिन्न विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों एवं उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
