10 जुलाई 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर/SECL
बिलासपुर:साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) मुख्यालय में “भू-जल विनियमन एवं नियंत्रण” विषय पर आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का शुक्रवार को सफल समापन हुआ। केंद्रीय भू-जल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए), नई दिल्ली और केंद्रीय भू-जल बोर्ड (सीजीडब्ल्यूबी), रायपुर के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में भू-जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भू-जल पुनर्भरण, जल संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन तथा नियामकीय प्रावधानों पर विशेषज्ञों ने विस्तृत जानकारी साझा की।

समापन समारोह में कोल इंडिया लिमिटेड के कार्यपालक निदेशक (पर्यावरण) सी. जयदेव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल पर्यावरणीय दायित्व नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने खनन गतिविधियों के साथ प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग और वैज्ञानिक जल प्रबंधन को समय की आवश्यकता बताते हुए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अत्यंत उपयोगी बताया।

दो दिनों तक चले इस प्रशिक्षण में एसईसीएल के विभिन्न क्षेत्रों एवं इकाइयों से आए अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी की। विशेषज्ञों ने उद्योगों में जल के कुशल उपयोग, भू-जल संरक्षण, पुनर्भरण तकनीकों और जल प्रबंधन से जुड़े नवीन नियमों एवं प्रक्रियाओं की जानकारी दी।

कार्यशाला में केंद्रीय भू-जल प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा केंद्रीय भू-जल बोर्ड, रायपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। साथ ही आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों ने भू-जल प्रबंधन, आवश्यक अनुमतियों और जल संरक्षण से जुड़े सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किया।
समापन सत्र में जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने और उपलब्ध जल संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि सी. जयदेव ने प्रशिक्षण में शामिल अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए।
एसईसीएल के अनुसार यह दो दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला भू-जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने, जल संसाधनों के वैज्ञानिक एवं जिम्मेदार उपयोग को प्रोत्साहित करने तथा सतत एवं जिम्मेदार खनन व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई।
