25 जून 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने क्षेत्र में बढ़ती खनन गतिविधियों को लेकर चिंता जताते हुए कहा है कि अब तक नदियों और ग्रामीण इलाकों तक सीमित रहा अवैध उत्खनन का दायरा जंगलों तक पहुंच चुका है, जिससे पर्यावरणीय संतुलन पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका है।

गौरहा ने आरोप लगाया कि कछार, सेंदरी और लोफंदी जैसे क्षेत्रों में लंबे समय से रेत उत्खनन की शिकायतें सामने आती रही हैं। कई बार स्थानीय स्तर पर विरोध और शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल सका, जिसके कारण अब नए क्षेत्रों में भी खनन गतिविधियां बढ़ने लगी हैं।

उन्होंने दावा किया कि ग्राम पंचायत खैरा-डंगनिया के सागौन वन क्षेत्र में पेड़ों की कटाई के बाद मुरुम उत्खनन किए जाने की जानकारी सामने आई है। यदि यह सही है तो यह केवल खनिज संसाधनों के दोहन का मामला नहीं, बल्कि वन संपदा और जैव विविधता के लिए भी गंभीर चुनौती है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि बेलतरा क्षेत्र की नदियां, तालाब, कृषि भूमि और वन क्षेत्र लगातार दबाव में हैं। उनका आरोप है कि प्रभावी निगरानी और कार्रवाई के अभाव में प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पूरे क्षेत्र में रेत और मुरुम उत्खनन की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
गौरहा ने कहा कि विकास कार्य आवश्यक हैं, लेकिन विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। जल, जंगल और जमीन को आने वाली पीढ़ियों की धरोहर बताते हुए उन्होंने कहा कि इनके संरक्षण के लिए समाज और प्रशासन दोनों को गंभीरता से जिम्मेदारी निभानी होगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा की सुरक्षा के मुद्दे पर जनता के साथ खड़ी है और इस संबंध में आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी।
सीजी क्राइम रिपोर्टर ✍️ प्रधान संपादक
