25 जून 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर:नए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन और जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा देवकीनंदन सभागृह में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में नगर निगमों, ग्राम पंचायतों, विश्वविद्यालयों, उद्योगों एवं विभिन्न विभागों के 350 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महापौर पूजा विधानी ने कहा कि स्वच्छ और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का सही पालन बेहद जरूरी है। उन्होंने नागरिकों, संस्थाओं और स्थानीय निकायों से कचरा प्रबंधन के प्रति जिम्मेदारी निभाने तथा स्वच्छता अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।

कार्यशाला में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की क्षेत्रीय अधिकारी रश्मि श्रीवास्तव, मुख्य रसायनज्ञ सुरेश कुमार धुर्वे, नगरीय प्रशासन विभाग की नोडल अधिकारी हर्षा तिवारी तथा डिविजनल कोऑर्डिनेटर विनीत साहू सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
विशेषज्ञों ने नए नियमों के प्रमुख प्रावधानों की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि अब ठोस अपशिष्ट का पृथक्करण गीला, सूखा, सैनिटरी और विशेष देखभाल वाले अपशिष्ट की श्रेणियों में किया जाएगा। साथ ही बल्क वेस्ट जनरेटर की नई परिभाषा, पंजीयन प्रक्रिया, अपशिष्ट प्रसंस्करण, मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) और वेस्ट-टू-एनर्जी संयंत्रों की जिम्मेदारियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यशाला में प्रतिभागियों को नए संशोधनों और पुराने नियमों के बीच के अंतर से भी अवगत कराया गया। इस अवसर पर राशि स्टील एंड पावर लिमिटेड द्वारा पर्यावरण अनुकूल जूट बैग वितरित किए गए। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों को नए नियमों के पालन और स्वच्छता को बढ़ावा देने की शपथ भी दिलाई गई।
कार्यक्रम के समापन पर क्षेत्रीय अधिकारी रश्मि श्रीवास्तव ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के लिए सामूहिक प्रयासों को समय की आवश्यकता बताया।
सीजी क्राइम रिपोर्टर, प्रधान संपादक
