24 जून 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर/SECL
बिलासपुर। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) मुख्यालय स्थित प्रबंधन विकास संस्थान (एमडीआई) में मंगलवार को खनिज एवं खनन (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 (एमएमडीआर एक्ट) के अंतर्गत अधिकृत अधिकारियों के लिए चार दिवसीय जागरूकता एवं क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन निदेशक (मानव संसाधन) श्री बिरंची दास के मुख्य आतिथ्य में हुआ।

भारत सरकार की राजपत्र अधिसूचना के अनुसार एसईसीएल, सीआईएसएफ, टीएसआर तथा मध्यप्रदेश राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (एसआईएसएफ) के अधिकारियों को एमएमडीआर अधिनियम की धारा 22, 23बी एवं 24 के तहत अवैध कोयला खनन और कोयला चोरी के मामलों में कार्रवाई करने का अधिकार प्रदान किया गया है। इस प्रावधान के तहत अधिकृत अधिकारी सीधे न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत कर सकेंगे, जिससे अवैध खनन और कोयला चोरी से जुड़े मामलों का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण संभव हो सकेगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में झारखंड पुलिस के पूर्व महानिरीक्षक (आईजी) एवं सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी श्री विपुल शुक्ला को विषय विशेषज्ञ के रूप में आमंत्रित किया गया है।

वर्तमान में वे बीसीसीएल में वरिष्ठ सलाहकार (सुरक्षा) के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान वे प्रतिभागियों को एमएमडीआर अधिनियम के प्रावधानों, अवैध खनन एवं खनिज परिवहन से जुड़े मामलों में कानूनी कार्रवाई, जांच प्रक्रिया, साक्ष्य संकलन तथा सुदृढ़ अभियोजन प्रतिवेदन तैयार करने की बारीकियों से अवगत कराएंगे।
23 जून से 26 जून 2026 तक आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में एसईसीएल के वरिष्ठ अधिकारी, क्षेत्रीय सुरक्षा नोडल अधिकारी, महाप्रबंधक, अभिकर्ता (एजेंट), प्रबंधक, मानव संसाधन एवं सुरक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी सहित सीआईएसएफ, टीएसआर और एसआईएसएफ (मध्यप्रदेश) के कार्मिक विभिन्न बैचों में सहभागिता कर रहे हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एमएमडीआर अधिनियम के तहत अधिकृत अधिकारियों को उनके अधिकारों, दायित्वों और कानूनी प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक बनाना तथा अवैध खनन एवं कोयला चोरी की रोकथाम संबंधी मामलों में उनकी कार्यक्षमता को और अधिक मजबूत करना है।
सीजी क्राइम रिपोर्टर, प्रधान संपादक
