
बिलासपुर:छत्तीसगढ़ डायोसिस बचाओ संघर्ष समिति ने डायोसिस बोर्ड ऑफ एजुकेशन और उससे जुड़े कुछ पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए बड़ा खुलासा किया है। समिति ने आरोप लगाया है कि वर्षों से संचालित कुछ मिशनरी स्कूलों में नियमों को ताक पर रखकर फर्जी तरीके से संचालन और प्रशासनिक हस्तक्षेप किया जा रहा है। इसी मामले में अब न्यायालय ने भी संज्ञान लेते हुए आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
समिति द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, डायोसिस बोर्ड ऑफ एजुकेशन से जुड़े कुछ पदाधिकारियों ने बर्जेस इंग्लिश स्कूल, सालेम स्कूल, रेवो मेमोरियल स्कूल सहित अन्य संस्थानों में कार्यरत प्राचार्यों और कर्मचारियों को कथित रूप से अवैध तरीके से निलंबित कर प्रशासनिक नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास किया। आरोप है कि यह कार्रवाई बिना वैधानिक अधिकार के की गई।
समिति का दावा है कि वर्ष 2026 में हुए कथित चुनाव की वैधता पर भी सवाल खड़े हुए हैं। बताया गया है कि संस्था के चुनाव को लेकर पंजीयन फर्म एवं संस्थाएं विभाग में शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके बाद रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा सूचना के अधिकार (RTI) के तहत दिए गए जवाब में कथित रूप से यह स्पष्ट किया गया कि संस्था की ओर से अधिनियम की धारा-27 के तहत पदाधिकारियों की प्रमाणित जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिसके कारण रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।
प्रेस विज्ञप्ति में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ व्यक्तियों ने स्वयं को पदाधिकारी बताकर स्कूलों के प्रशासनिक फैसलों में हस्तक्षेप किया और कर्मचारियों को हटाने अथवा प्राचार्यों के कार्यालयों में ताला लगाने जैसी कार्रवाई की गई। संघर्ष समिति ने इसे “अवैध कब्जा” और “फर्जी प्रशासन” करार दिया है।
कोर्ट ने FIR दर्ज करने के दिए निर्देश:मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब बिलासपुर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) ने एक परिवाद पर सुनवाई करते हुए आरोपी जयदीप रॉबिन्सन के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 156(3) के तहत पुलिस को प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कर जांच शुरू करने के निर्देश दिए।
न्यायालय के आदेश में थाना प्रभारी को निर्देशित किया गया है कि संबंधित धाराओं में आरोपी के विरुद्ध एक सप्ताह के भीतर एफआईआर दर्ज कर अपराध की विवेचना प्रारंभ की जाए। मामले की अगली प्रक्रिया के लिए 16 जून 2026 की तिथि भी निर्धारित की गई है।
जमीन और आर्थिक अनियमितताओं के भी आरोप:संघर्ष समिति ने प्रेस विज्ञप्ति में मिशन से जुड़ी संपत्तियों और जमीनों के कथित दुरुपयोग का आरोप भी लगाया है। समिति का कहना है कि मिशन की संपत्तियों की बिक्री और आर्थिक गड़बड़ियों को लेकर पहले से शिकायतें लंबित हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।
हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। समाचार प्रकाशित होने तक आरोपित पक्ष का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका था। पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
