
बिलासपुर:किसी अपने को याद करने के कई तरीके हो सकते हैं, लेकिन उनकी स्मृतियों को समाज की भलाई से जोड़ देना एक अलग ही उदाहरण बन जाता है। शहर के आजाद नगर में ऐसा ही एक प्रेरक दृश्य देखने को मिला, जहां स्वर्गीय श्री शोभराज नागदेव जी की प्रथम पुण्यतिथि को केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उसे जनसेवा और मानव कल्याण के संकल्प में बदल दिया गया।

उनके सम्मान में आयोजित विशाल स्वैच्छिक रक्तदान एवं निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में सैकड़ों लोगों ने भागीदारी निभाते हुए सेवा, संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।

पूज्य सिंधी पंचायत आजाद नगर, युवा विंग और महिला विंग के सहयोग से सिंधी धर्मशाला परिसर में आयोजित शिविर में सुबह से ही लोगों की आवाजाही शुरू हो गई थी।
कार्यक्रम का आरंभ भगवान झूलेलाल, गुरु नानक देव जी एवं स्व. शोभराज नागदेव जी के छायाचित्र पर पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना करते हुए अरदास की गई और इसके बाद स्वास्थ्य एवं रक्तदान शिविर शुरू हुआ।

इस आयोजन की विशेषता केवल भीड़ नहीं, बल्कि उसका उद्देश्य रहा। समाजसेवी संतोष नागदेव द्वारा अपने पिता की स्मृति में शुरू किए गए इस प्रयास ने यह संदेश दिया कि परिवार के बुजुर्गों के संस्कारों को केवल शब्दों में नहीं, बल्कि समाज के लिए उपयोगी कार्यों में भी जीवित रखा जा सकता है।
शिविर में शहर के अनुभवी चिकित्सकों की टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण, रोग परामर्श, रक्त जांच और आवश्यक दवाइयों की सुविधा उपलब्ध कराई। अलग-अलग विशेषज्ञता वाले चिकित्सकों ने लोगों की स्वास्थ्य समस्याएं सुनीं और उन्हें उपचार संबंधी सलाह दी। बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी पहुंचे जिन्हें सामान्य दिनों में विशेषज्ञ डॉक्टरों तक पहुंचने का अवसर नहीं मिल पाता।

चिकित्सको की टीम जिन्होंने विशेष भागीदारी निभाई:. चंद्रशेखर उलिके (एम.डी.),डॉ. के.के. श्रीवास्तव (होम्योपैथिक),डॉ. अभिषेक शाह (न्यूरोलॉजिस्ट),डॉ. मनोज चंद्राकर (बाल रोग विशेषज्ञ),डॉ. सुखनंदन साहू (आयुर्वेद),डॉ. आर.के. यादव (दंत चिकित्सक),डॉ. उत्कर्ष नाथ (दंत चिकित्सक),डॉ. विवेक महलवार (स्त्री रोग विशेषज्ञ),डॉ. लव श्रीवास्तव (डॉ. लाल पैथ),डॉ. भावेश (न्यूरोलॉजिस्ट),डॉ. हिमानी चौरसिया (न्यूरोलॉजिस्ट),डॉ. मनोज सिंह (नेत्र रोग विशेषज्ञ)

आयोजन में अनुमानित 300 से अधिक लोगों ने स्वास्थ्य शिविर का लाभ उठाया, जबकि 60 से ज्यादा लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण जगाई। खास बात यह रही कि युवाओं और महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। कई ऐसे प्रतिभागी भी सामने आए जिन्होंने जीवन में पहली बार रक्तदान किया और इसे मानव सेवा का अनुभव बताया।

रक्तदान को लेकर उपस्थित चिकित्सकों एवं स्वयंसेवकों ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि अस्पतालों में कई बार रक्त की कमी गंभीर मरीजों के लिए संकट बन जाती है। ऐसे में स्वस्थ लोगों द्वारा नियमित रक्तदान न केवल किसी की जिंदगी बचा सकता है, बल्कि समाज में सहयोग और संवेदनशीलता की संस्कृति को भी मजबूत करता है।

आयोजन में एक सराहनीय पहल यह भी देखने को मिली कि रक्तदान करने वालों को सम्मान स्वरूप प्रमाण-पत्र के साथ हेलमेट भेंट किए गए। इसके पीछे संदेश साफ था—“जीवन बचाने वाला व्यक्ति स्वयं भी सुरक्षित रहे।” रक्तदान के साथ सड़क सुरक्षा के इस सामाजिक संदेश को लोगों ने खूब सराहा।
आज के इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में नागदेव परिवार एवं पूज्य सिंधी पंचायत आजाद नगर, युवा विंग एवं महिला विंग आजाद नगर के सभी सदस्यों का विशेष सहयोग रहा जिनमें प्रमुख है बृजलाल नागदेव , संतोष नागदेव अशोक टेकचंदानी रमेश देवानी चेतन दास पंजवानी खेमचंद संतवानी हीरा नंद भावनानी महेश मेघानी पूज्य सिंधी युवा विंग अध्यक्ष आजाद नगर नवीन रूपानी सचिव लखन नागदेव इंदर मेघानी अमित आडवानी गोविंद तोलानी राकेश टेक चंदानी पवन मेघानी उमेश लाल जितेंद्र टैकचंदानी मोहन रोहरा अमर रुपानी हीरु चंदानी मुरली पंजवानी , पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत के अध्यक्ष विनोद मेघानी पूज्य सिंधी सेट्रल युवा विंग के अध्यक्ष रॉबिन वाधवानी सचिव जय गुरबानी सिंधी युवक समिति के संरक्षक कैलाश मलघानी संरक्षक व संयोजक अमर बजाज अध्यक्ष मनीष लहोरानी युवा विगं के पूर्व अध्यक्ष अभिषेक विधानी एवं स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका रही।
यह आयोजन केवल एक पुण्यतिथि कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि समाज के सामने यह उदाहरण बनकर उभरा कि यदि व्यक्तिगत स्मृतियों को सामूहिक भलाई से जोड़ दिया जाए, तो वे अनेक लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का कारण बन सकती हैं।
नागदेव परिवार का समाज के लिए संदेश:रक्तदान किसी एक व्यक्ति की नहीं, पूरी मानवता की सेवा है। जरूरत पड़ने पर रक्त खरीदा नहीं जा सकता, केवल किसी संवेदनशील इंसान द्वारा दान किया जा सकता है। ऐसे में हर स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए।
