
बिलासपुर:साइबर ठगी के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले कथित ‘म्यूल अकाउंट नेटवर्क’ पर तोरवा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खाते, पासबुक और खाता संबंधी जानकारी हासिल कर साइबर अपराधियों तक पहुंचाने का काम कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार थाना तोरवा में अपराध क्रमांक 276/2026 के तहत धारा 318(4), 112 बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में प्रियांशु वस्त्रकार (20) निवासी बापूनगर, थाना तोरवा तथा अनिल गजभिये (36) निवासी आर.के. नगर, थाना सरकंडा शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, साइबर अपराध और म्यूल अकाउंट नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान 29 मई 2026 को सूचना मिली थी कि तितली चौक स्थित एसबीआई बैंक, तोरवा के आसपास एक युवक लोगों से बैंक पासबुक और खाता संबंधी जानकारी मांग रहा है तथा इसके बदले कमीशन देने का झांसा दे रहा है।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक रजनीश सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस वाहन को देखकर संदिग्ध युवक भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसकी पहचान प्रियांशु वस्त्रकार के रूप में हुई।
पुलिस ने जब आरोपी के मोबाइल फोन की जांच की तो उसमें कई लोगों के बैंक खातों, पासबुकों और खाता विवरण से संबंधित फोटो एवं जानकारी मिली। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह अनिल गजभिये के साथ मिलकर लोगों से बैंक खाते और पासबुक जुटाने का काम करता था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगी और ऑनलाइन धोखाधड़ी में किया जाना था। पुलिस को आशंका है कि आरोपी म्यूल अकाउंट नेटवर्क के जरिए साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने की कड़ी के रूप में काम कर रहे थे।
तोरवा पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर 30 मई को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। वहीं, पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्यों का तकनीकी परीक्षण कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच में जुटी हुई है।
